Thursday, June 26, 2025

मामला 345 पंजीकृत अमान्यताप्राप्त राजनीतिक दलों

राजस्थान: इन दलों को डीलिस्ट करने की प्रक्रिया प्रारंभ 


राजस्थान से 09 पंजीकृत अमान्यताप्राप्त राजनीतिक दल (RUPPs) डीलिस्ट हेतु चुने गए

सीकर: 26 जून 2025: (मीडिया लिंक रविंदर//राजस्थान स्क्रीन डेस्क)::

भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त श्री ज्ञानेश कुमार की अध्यक्षता में तथा निर्वाचन आयुक्त डॉ. सुखबीर सिंह संधू और डॉ. विवेक जोशी की उपस्थिति में 345 पंजीकृत अमान्यताप्राप्त राजनीतिक दलों (RUPPs) को डीलिस्ट करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। ये वे दल हैं जो वर्ष 2019 से पिछले छह वर्षों में कोई भी चुनाव नहीं लड़े हैं और जिनके कार्यालयों का भौतिक रूप से कोई पता नहीं चल पाया है। ये 345 राजनीतिक दल देश के विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से हैं।

निर्वाचन आयोग के संज्ञान में यह बात आई है कि वर्तमान में पंजीकृत 2800 से अधिक RUPPs में से कई दल ऐसे हैं जो RUPP के रूप में बने रहने की आवश्यक शर्तों को पूरा नहीं कर रहे हैं। इसी के मद्देनज़र आयोग ने राष्ट्रव्यापी स्तर पर ऐसे दलों की पहचान के लिए एक विशेष अभियान चलाया, जिसके अंतर्गत अब तक 345 ऐसे दल चिन्हित किए जा चुके हैं।

राजस्थान से डीलिस्ट हेतु चुने गए 09 पंजीकृत अमान्यताप्राप्त राजनीतिक दल (RUPPs) 

राजस्थान से आयोग ने डिलिस्ट करने के लिए प्रारम्भिक रूप मे राजस्थान जनता पार्टी, राष्ट्रीय जन सागर पार्टी, खुशहाल किसान पार्टी, भारत वाहिनी पार्टी, भारतीय जन हितकारी पार्टी, नेशनल जनसत्ता पार्टी, नेशनलिस्ट पीपलस फ्रंट, स्वच्छ भारत पार्टी एवं महाराणा क्रांति पार्टी का चयन किया है।   

यह सुनिश्चित करने के लिए कि कोई भी दल अनुचित रूप से डीलिस्ट न हो, संबंधित राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों (CEOs) को निर्देश दिया गया है कि वे इन दलों को कारण बताओ नोटिस जारी करें। इसके बाद संबंधित CEOs द्वारा इन दलों को व्यक्तिगत सुनवाई का अवसर दिया जाएगा। किसी भी दल को डीलिस्ट करने का अंतिम निर्णय भारत निर्वाचन आयोग द्वारा लिया जाएगा।

देश में राजनीतिक दल (राष्ट्रीय/राज्य/पंजीकृत अपंजीकृत) जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 29A के तहत निर्वाचन आयोग में पंजीकृत होते हैं। इस प्रावधान के अंतर्गत, कोई भी संगठन एक बार राजनीतिक दल के रूप में पंजीकृत हो जाने पर कर में छूट जैसी विभिन्न सुविधाओं और लाभों का पात्र हो जाता है।

यह प्रक्रिया राजनीतिक प्रणाली की शुद्धि और उन दलों को डीलिस्ट करने के उद्देश्य से की जा रही है, जिन्होंने वर्ष 2019 से लोकसभा या राज्य विधानसभाओं या उपचुनावों में कोई चुनाव नहीं लड़ा है और जिनका भौतिक अस्तित्व भी स्थापित नहीं हो सका है। इस अभियान के पहले चरण में 345 ऐसे दल चिन्हित किए गए हैं और यह प्रक्रिया राजनीतिक प्रणाली को स्वच्छ बनाने के उद्देश्य से आगे भी जारी रहेगी।  --------

Monday, May 5, 2025

भर्ती परीक्षाओं में फर्जीवाड़ा करने वालों पर शिकंजा कसने की तैयारी

 05 मई 2025, 10:19 PM

फर्जी दस्तावेज एवं अनुचित साधनों से चल रहा था साज़िशी सिलसिला 

*भर्ती परीक्षाओं में फर्जीवाड़ा करने वालों पर शिकंजा कसने की तैयारी- 

 *अभ्यर्थियों पर कार्यवाही एवं एसओजी के प्रकरणों पर गहन मंथन


जयपुर: 5 मई 2025: (मीडिया लिंक रविंदर//राजस्थान स्क्रीन डेस्क)::

शासन सचिव शिक्षा श्री कृष्ण कुणाल की अध्यक्षता में शिक्षा संकुल परिसर में सोमवार को एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। बैठक में स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) द्वारा प्राप्त संदिग्ध प्रकरणों की भी गहन समीक्षा की गई। चर्चा का मुख्य फोकस 15 दिसंबर, 2018 से 15 दिसंबर, 2023 तक की पीटीआई (शारीरिक शिक्षा अध्यापक) भर्तियों में संदिग्ध पाए गए ऐसे अभ्यर्थियों पर रहा, जिन्होंने फर्जी दस्तावेज प्रस्तुत कर अथवा अनुचित एवं नियमविरुद्ध साधनों से नौकरी हासिल की। इस मौके पर विगत वर्षों में आयोजित पीटीआई सीधी भर्ती परीक्षाओं में अभ्यर्थियों द्वारा फर्जी दस्तावेज प्रस्तुत कर तथा नियम विरूद्ध एवं अनुचित साधनों का इस्तेमाल कर नियुक्ति प्राप्त करने तथा ऐसे अभ्यर्थियों की विस्तृत जांच कर कार्यवाही किए जाने के संबंध में 9 बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा की गयी। बैठक में दिव्यांगता प्रमाण पत्र, खेल प्रमाण पत्र तथा डिग्रियों के सत्यापन हेतु ऑनलाइन पोर्टल बनाने हेतु जोर दिया गया। इस अहम बैठक में युवा एवं खेल विभाग के शासन सचिव श्री नीरज के पवन, राजस्थान लोक सेवा आयोग के सचिव श्री रामनिवास मेहता, राजस्थान कर्मचारी चयन आयोग के सचिव डॉ. भागचंद बधाल, निदेशक माध्यमिक शिक्षा श्री आशीष मोदी, एसओजी के एसपी के साथ ही स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा, खेल विभाग तथा एसओजी के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

बैठक में निम्न बिंदुओं पर चर्चा हुई-

1. पीटीआई भर्ती 2022 में चयनित 243 अभ्यर्थियों के संबंध में विभाग द्वारा की गयी कार्यवाही।

2. विभिन्न पदों की प्रतियोगी परीक्षा में शामिल फर्जी / डमी अभ्यर्थियों की पहचान सुनिश्चित करना।

3. मेडिकल बोर्ड से जांच कराये जाने पर दिव्यांगता प्रमाण पत्रों में दिव्यांगता प्रतिशत एवं दिव्यांगता में भिन्नता की स्थिति।

4. खेल प्रमाण पत्रों की जांच / वैद्यता के संबंध में।

5. निजी विश्वविद्यालयों द्वारा बिना काउंसलिंग के सीधे ही बीपीएड/डीपीएड/बीएड/डीएलएड में प्रवेश देकर प्रशिक्षण पाठ्यक्रम आयोजित करवाने के संबंध में।

6. निजी विश्वविद्यालयों द्वारा एनसीटीई के निर्धारित मानदंडों के विपरित जाकर स्नातक में प्राप्तांक नहीं होने पर भी बीपीएड में प्रवेश दिए जाने के संबंध में।

7. बीएड/बीपीएड/एमपीएड/डीपीएड इत्यादि प्रशैक्षिक डिग्रीयों के केंद्रीयकृत रजिस्ट्रेशन एवं सत्यापन की व्यवस्था करवाने के संबंध में।

8. 15 दिसंबर, 2018 से 15 दिसंबर, 2023 तक की गई भर्तियों में नियुक्त कर्मचारियों के दस्तावेज सत्यापन उपरान्त संदिग्ध पाए गए अभ्यर्थियों की जांच पूर्ण करना।

9. एसओजी द्वारा भेजे गए विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में पेपरलीक/फर्जी/डमी के रूप में संलिप्त 82 कार्मिकों के विरूद्ध कार्यवाही को पूर्ण किया जाए।

---राजेश यादव/रवीन्द्र सिंह--

Friday, April 25, 2025

डूंगरपुर में पीएम आवास लाभार्थी रेखा रोत के घर हुआ गृह प्रवेश समारोह

छाया चौबीसा,सहायक निदेशक ,सूचना एवं जनसंपर्क कार्यालय डूंगरपुर//गुरूवार दिनांक 24 अप्रेल 2025

पंचायती राज दिवस पर कराया ढोल ढमाकों, विधि विधान से गृह प्रवेश


डूंगरपुर
: 24 अप्रैल 2025: (मीडिया लिंक रविंदर//राजस्थान स्क्रीन डेस्क)::

अभी भी देश और दुनिया में बहुत से लोग हैं जिनके पास ऐसी छत नहीं है जिसे घर कहा जा सके। बसेरा कहा जा सका या फिर जहां थक हार कर लौट आने से लगे कि बस यही है अपनी दुनिया। ऐसे लोगों को घर देने का संकल्प किया था मुख्यमंत्री का। इसे पूरा करना आसान नहीं था। यह एक ऐसा सपना था जिसे साकार करना सचमुच बहुत मुश्किल था। इसके बावजूद मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा दृढ़ता से इस पर अडिग थे। आखिर मेहनत रंग लाई। सपना साकार होने का वक़्त आया। खुशियों ने लाभार्थी  रेखा का दरवाज़ा खटखटाया।  

डूंगरपुर में उस दिन सारा इलाका ही खुश था। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के प्रदेश में सुशासन देने तथा हर गरीब का सपना साकार करने की दिशा में कार्य करते हुए डूंगरपुर में प्रधानमंत्री आवास लाभार्थी रेखा के घर प्रशासन के साथ पहुंचा तथा गृह वास्तु कराकर गृह प्रवेश करवाया गया। 

उस दिन विशेष दिन ही था। पंचायतीराज के स्थापना दिवस 24 अप्रेल, 2025 का दिन रेखा पत्नि तुलसी राम रोत निवासी खेरवाडा सिदडी का दिन किसी सपने से कम नहीं था, जिसके आंगन में जिला परिषद डूंगरपुर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी हनुमान सिंह राठौड की अगुवाई में सभी पंचायत राज विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारी के साथ ढोल ढमाकों के साथ प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत निर्मित लाभार्थी रेखा के घर गृह प्रवेश करवाने पहुंचे। माहौल बहुत ही यादगारी बन पड़ा।

इस शुभ अवसर पर वैदिक मंत्रों के उच्चारण के साथ आवास चाबी, दीवार घडी और दौडते घोडों से युक्त तस्वीर भेंट कर महेष ओझा अधिशासी अधिकारी महानरेगा, पंचायत समिति के विकास अधिकारी प्रवीण सिंह राव, प्रधानमंत्री आवास के प्रभारी गौरी शंकर कटारा, मनरेगा प्रभारी श्याम सुन्दर पाटीदार, आवास शाखा से मोहन लाल यादव, भावेश जोशी , ग्राम पंचायत सिदडी खेरवाडा के प्रशासक गोदावरी देवी, वार्ड पंच भूरी देवी परमार ग्राम विकास अधिकारी लीला बुझ, लोकेश डिंडोर , रमेश कटारा कनिष्ठ सहायक, समाजसेवी बाबुलाल परमार, भगवान परमार, मावजी कटारा, मोहन कटारा सहित डायालाल परमार की मौजूदगी में गृह प्रवेश करवाया गया। ख़ुशी के आंसुओं से मन भरा हुआ था। 

इस का लाभ उठाने वाली रेखा के परिवार के साथ गृह वास्तु के बाद सभी ने पंगत में बैठ कर परम्परागत भोज लपसी, दाल चावल का सेवन किया। भोजन की व्यवस्था जिला प्रशासन द्वारा निःशुल्क की गई। रेखा के दो बेटे और दो बेटियों के चेहरे पर खुशी देखते ही बनती थी। इससे पूर्व लाभार्थी रेखा को शॉल और उपर्णा भेट कर मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने समय पर प्रधान मंत्री आवास पूर्ण करने की बधाई दी तथा बच्चों को साफा एवं माल्यापर्ण कर शुभकामनाएं प्रदान की। एक नई दुनिया का निर्माण हुआ था। स्वर्ग सा सुंदर घर सामने था। 

उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री आवास लाभार्थी को वर्ष 2024-25 में प्रथम किश्त 15000 द्वितीय किश्त 45000 तृतीय किश्त 60000 कुल 120000 रूपये एवं महानरेगा योजना में 90 दिवस का 23940 रूपया प्रदान किया। बस कुछ ही पड़ावों में यह सपना साकार कर लिया गया। 

उम्र का लंबा हिस्सा संघर्षों में काटने वाली रेखा बहुत प्रसन्नता से बताती है कि सरकार ने मेरा सपना साकार किया।  अनुमान लगाइये रेखा की खुशियों का। 

संघर्षों के बाद मिली ख़ुशी की चमक भी अलग ही होती है। लाभार्थी रेखा ने बताया कि गरीब के घर के वास्तु का सपना, सपना ही रह जाता है लेकिन प्रशासन ने बिना कोई खर्च करवाये वास्तु करवाया, आसपास के परिवारों और बच्चों के साथ जीमण करवाया, श्रीफल, दीवार घडी की भेंट देकर  सरकार ने मेरा और मेरे परिवार का जो सपना पूरा किया है, इसे वह ताउम्र नहीं भूल पायेगी। 

इस बहुत बड़ी मानवीय उपलब्धि के बावजूद अभी यह देखना बाकी है कि कितने और परिवार इस सुविधा से वंचित हैं? कितने लोगों के पास सिर छुपाने की छत नहीं है? अभी सफर लंबा है। चले चलो कि वह मंज़िल अभी नहीं आई...! 

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Friday, January 17, 2025

"ब्लिट्ज़श्लैग 2025:

प्रविष्टि तिथि: 17 January 2025 at 5:10PM by PIB Jaipur

एमएनआईटी(MNIT) जयपुर का तीन दिवसीय सांस्कृतिक उत्सव 'ड्रीमस्केप' थीम के साथ जगमगाएगा"

जयपुर: 17 जनवरी 2025:(PIB Jaipur//राजस्थान स्क्रीन डैस्क)::

ब्लिट्ज़श्लैग 2025 - मालवीय राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (MNIT) जयपुर का वार्षिक सांस्कृतिक महोत्सव 7 से 9 फरवरी 2025 तक आयोजित होगा | प्रोफेसर एन.पी. पाढ़ी , निदेशक, MNIT जयपुर के मार्गदर्शन में, ब्लिट्ज़श्लैग’25  पूरे देश से प्रतिभा, उत्साह और सांस्कृतिक श्रेष्ठता का उत्सव प्रदर्शित करने के लिए तैयार है। छात्र कल्याण की डीन प्रोफेसर कनुप्रिया सचदेव ने ब्लिट्ज़श्लैग के आयोजकों और प्रतिभागियों की सराहना करते हुए इस आयोजन को छात्रों के लिए प्रेरणादायक और यादगार बताया।

ब्लिट्ज़श्लैग अपनी भव्यता और ऊर्जा के लिए प्रसिद्ध है, और यह 50,000 से अधिक दर्शकों को आकर्षित करता है। यह क्षेत्र के सबसे बड़े  छात्र-आयोजित महोत्सव के रूप में चर्चित है । यह आयोजन संस्कृति, प्रतिभा और रचनात्मकता का संगम है, जो भारत के 100 से अधिक कॉलेजों के प्रतिभागियों को एकत्रित करता हैं।  महोत्सव के  प्रमुख प्रतियोगिताएं  जैसे बैटल ऑफ बैंड्स (Battle of Bands), राम्बा सम्बा (Ramba Samba), पनाश (PANACHE) और  ब्लिट्ज़ गॉट टैलेंट (Blitz got talent) के लिए पहले से ही तैयारियां  शुरू हो चुकी है, जिससे उत्सव का माहौल बन गया है और प्रतिभागियों और दर्शकों के बीच उत्साह बढ़ गया है।

ब्लिट्ज़श्लैग 2025 में 100 से अधिक प्रतियोगिताओं का आयोजन होगा,जिसमे प्रमुख रूप से लेखन कला, संगीत, नृत्य और नाटक शामिल रहेंगे। यह महोत्सव उभरते हुए प्रतिभाओं को अपनी कौशल और रचनात्मकता को  प्रदर्शित  करने का मंच प्रदान करता है। इसके अतिरिक्त, इस वर्ष का थीम "ड्रीमस्केप”: स्ट्रैंडेड बियोंड रियैलिटी (DREAMSCAPE": Stranded Beyond Reality) प्रतिभागियों को कला की नई दिशाओं की तरफ जाने के लिए प्रेरित करेगा। ब्लिट्जशलैग का एक प्रमुख आकर्षण हमेशा से ही उसकी प्रो नाइट्स(Pro nights) रही हैं। पिछले वर्षों में, अरमान मलिक, सचिन-जिगर, जावेद अली, अंकित तिवारी, शान, केके और कई दिग्ग्ज कलाकारों  ने अद्भुत प्रस्तुति  दी है।  इस वर्ष भी  ब्लिट्ज़श्लैग में भारत के प्रसिद्ध कलाकारों द्वारा अनमोल प्रस्तुतियाँ दी जाएँगी, जो एक अविस्मरणीय अनुभव प्रदान करेगा।

(रिलीज़ आईडी: 2093784)


Tuesday, July 16, 2024

राजस्थान के लिए पानी की ज़रूरत को के ए अब्बास साहिब ने भी समझा था

Tuesday 15 July 2024 at 07:51 PM

चौबीसों घण्टे पेयजल सप्लाई पर आयोजित हुई कार्यशाला

लेकिन अतीत में जाना होगा दो बूँद पानी की फिल्म देखने भी 


जयपुर
: 15 जुलाई 2024: (के के सिंह//राजस्थान स्क्रीन डेस्क):: 

जब राजस्थान में पानी का संकट बेहद गंभीर था .लोग बूँद बूँद पानी को तरसते थे। उस समय भी राजस्थान के लोगों की ज़िन्दगी के इस दर्द को बहुत जहां संवेदना से महसूस करने वाले लोग मौजूद थे। इनके प्रयासों को उस सफलता की नींव कहा जा सकता है जिस सफलता के अंतर्गत आज लोगों की बहुत बड़ी संख्या तक पानी पहुंच पा रहा है। इन्हीं संवेदनशील लोगों में एक जानेमाने बुद्धिजीवी थे जनाब ख्वाजा अहमद अब्बास।   

ख्वाज़ा अहमद अब्बास लेखन, पत्रकारिता और फिल्म संसार के एक जानेमाने नाम थे। उन्होंने एक फिल्म बनाई थी दो बूंद पानी। राजस्थान के  पानी लाने के लिए गांवों के आम लोगों ने क़ुरबानी की जिस भावना से काम लिया उसका अहसास दिलाती है यह फिल्म। पानी लाना कितना मुश्किल था। पहाड़ों को हटाना कितना मुश्किल था। डाईना माईट ही बस एक रास्ता था। लेकिन इस धमाके में भी जान जाने का खतरा था। अपने गांव तक नहर पहुंचाने के लिए गांव का जवान गंगा राम कहता है मैं करूंगा यह काम। गंगा सिंह की इस भूमिका को जलाल आगा ने बहुत कमाल से निभाया। 

गंगा सिंह की क़ुरबानी के बाद नहर का रास्ता तो बन जाता पर गांव में उसका इंतज़ार कर रही उसकी पत्नी गौरी दिन रात उसकी याद में तड़पती है। उसके राहें देखती है। इस मामले में गीत संगीत बहुत ही कमाल का है। उसे कुछ नहीं पता कि उसका गंगा राम तो नहर  क़ुरबानी दे गया। 

जब गांव का इंजीनियर और गौरी की ननद नहर के उदघाटन पर उसे लिवाने के लिए आते हैं तब का माहौल भी बहुत दर्द भरा है। गौरी पूछती है उसका गंगा कहां है? उसे जवाब नहीं मिलता। आखिर गौरी को लेकर नहर के शुभारम्भ वाले आयोजन में लेजाया जाता है। गौरी फिर पूछती है। उसका गंगा कहां है? वह नज़र क्यूं नहीं आ रहा। तब नहर इंजीनियर बाबू हुए गौरी की ननद कहते हैं ज़रा सामने देखो। दर्शकों को भी एक बारगी तो लगता है। अभी गंगा सामने से निकल आएगा। बस सामने देखो कहते ही पानी छोड़ने का बटन दबा दिया जाता है। गौरी सामने देख रही है। तब उछलते आ रहे नहर के पानी में निर्देशक ने उसके पति गंगा सिंह की छवि उसी पानी में दिखाई है। गौरी की भूमिका बहुत ही शानदार ढंग से निभाई है सिम्मी गरेवाल ने। उस समय के हालात और इस फिल्म को ज़हन में रखे बिना हां आज की उस ख़ुशी को भी न समझा पाएंगे जो आज के राजस्थान में 24 घंटे पेय जल की सप्लाई को लेकर पाई जा रही है। 


इस वर्कशाप की खबर के अवसर पर इस फिल्म का उल्लेख भी ज़रूरी था। राजस्थान नगरीय आधारभूत परियोजना (आरयूआईडीपी ) द्वारा चौबीसों घण्टे पेयजल सप्लाई पर कार्यशाला जयपुर शहर में आयोजित की गई।कार्यशाला में आरयूआईडीपी, रूडसिको और डी.एल.बी. के अभियन्ताओं ने भाग लिया। इसमें चौबीसों घण्टे पेयजल सप्लाई के क्रियान्वयन में आने वाली चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की गई और फील्ड से मिले अनुभवों को साझा किया गया। 

एडमिनिस्ट्रेटिव स्टॉफ कॉलेज ऑफ इंडिया, हैदराबाद के केन्द्र निदेशक प्रोफेसर एस. चारी ने मूलभूत सुधारों एवं आवश्कताओं पर विस्तार से समझाया। उन्होंने देश-विदेश की बेस्ट प्रेक्टिसेज और चौबीसों घण्टे पेयजल सप्लाई को प्राप्त कर चुके शहरों का उदाहरण देकर समस्याओं को हल करने का सुझाव दिया।

आरयूआईडीपी के अतिरिक्त परियोजना निदेशक (द्वितीय) डॉ. हेमन्त कुमार शर्मा ने कार्यशाला को परियोजना क्रियान्वयन ईकाईयों के अभियन्ता के लिए बहुत लाभकारी बताया और उन्हें बताया कि वे कार्यशाला में अपने अनुभव साझा करें और बेस्ट प्रेक्टिसेज से सीख लें। कार्यशाला में श्री गंगानगर, झुंझुनूं, पाली, टोंक, लक्ष्मणगढ़, सरदारशहर, कुचामन सिटी, बांसवाड़ा, सिरोही, आबू रोड़, मण्डावा व खेतडी परियोजना शहरों में कार्यरत अभियन्ताओं ने भाग लिया।  

 वाटको ( वाटर कॉर्पोरेशन ऑफ ओडिसा ) के  परियोजना प्रबंधक श्री चिन्मय त्रिपाठी ने ओडिसा के विभिन्न शहरों में सफलतापूर्वक चल रही  चौबीसों घण्टे पेयजल सप्लाई योजना को प्रेजेन्टेशन मे माध्यम से समझाया। डॉ. स्नेहलता ने हैदराबाद के घरों में नॉन रेवेन्यू वाटर को घटाने और उसमें जन सहभागिता, आई.ई.सी. और व्यवहार परिवर्तन गतिविधियों की भूमिका  को विस्तारपूर्वक समझाया। 

कार्यशाला में आरयूआईडीपी के एडिशनल प्रोजेक्ट डायरेक्टर (प्रथम)  श्री डी.के.मीणा, वित्तीय सलाहकार श्रीमती जिज्ञासा गौड़, अतिरिक्त मुख्य अभियंता श्री के. के. नाटाणी, उप-परियोजना निदेशक (तकनीकी) श्री कपिल गुप्ता, उप-परियोजना निदेषक (प्रशासन) श्री एस.एस. खिडिया एवं अन्य अभियन्ता मौजूद रहे।

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Friday, March 22, 2024

राजस्थान पुलिस अकादमी जयपुर में पुलिस प्रशिक्षण कार्यक्रमत

Friday 22 March  2024 at 09:09 AM

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा:

मतदान के लिए सुरक्षित और डर रहित वातावरण सुनिश्चित करना पुलिस का दायित्व


जयपुर: 22 मार्च 2024: (राजस्थान स्क्रीन डेस्क)::

मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्री प्रवीण गुप्ता ने कहा कि शांतिपूर्ण और निष्पक्ष चुनाव संपादित करने में पुलिसकर्मियों की भूमिका अहम है। प्रदेश के मतदाता बिना किसी लालच, हिचक और डर के अपना वोट दें, यह सुनिश्चित करना पुलिस का उत्तरदायित्व है । उन्होंने कहा कि लोकसभा निर्वाचन-2024 निर्बाध रूप से सम्पन्न हो इसके लिए पुलिस विभाग अन्य विभागों के साथ आपसी सामंजस्य के साथ काम करे। साथ ही प्रदेश में संवेदनशील और क्रिटिकल बूथों की पहचान कर वहां शांतिपूर्ण चुनाव सम्पन्न कराने के लिए योजनाद्ध रूप से पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित करें।  

श्री गुप्ता आगामी लोकसभा चुनाव के मद्देनजर राजस्थान पुलिस अकादमी (आरपीए), जयपुर में आयोजित पुलिस प्रशिक्षण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पुलिस की जिम्मेदारी है कि वह संभावित अप्रिय हालातों के लिए पहले से ही तैयार रहे ताकि समय रहते उन्हें रोका जा सके। उन्होंने कहा कि इसके लिए त्वरित आपसी संचार और सूचना तंत्र सुदृढ़ होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि त्वरित और सही दिशा में सूचनाओं के आदान-प्रदान से किसी भी अप्रिय घटना को टाला जा सकता है। उन्होंने कहा कि पहली बार चुनाव के दौरान इस तरह का प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया है। उन्होंने बताया कि आगामी लोकसभा चुनाव के लिए अब तक 40 हजार से ज्यादा पुलिसकर्मियों को विशेषज्ञ प्रशिक्षकों द्वारा प्रशिक्षित किया जा चुका है।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि लोकसभा निर्वाचन 2024 के सफल आयोजन के लिए निर्वाचन विभाग द्वारा पुलिस अधिकारियों के लिए हैंडबुक भी जारी की गई है। इसमें पुलिस कर्मियों की सहायता के लिए चुनाव से संबंधित नियम, विधियां और दिशा-निर्देश शामिल किये गए हैं। उन्होंने सभी पुलिसकर्मियों से इस हैण्डबूक को ध्यानपूर्वक पढ़ने तथा अनुसरण करने के लिए कहा। श्री गुप्ता ने भारत निर्वाचन आयोग द्वारा समय-समय पर जारी किये जाने वाले सर्कुलर, हैंडबुक, प्रोटोकॉल और मैनुअल को भी पढ़ने के लिए कहा। उन्होंने चुनाव के 48 घण्टे पहले के साइलेंस पीरियड पर विशेष सावधानी बरतने तथा तदनुसार व्यवस्थाएं करने के लिए भी अधिकारियों को निर्देशित किया। 

श्री गुप्ता ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि वे प्रतिदिन लॉ ऑर्डर रिपोर्ट बनाकर आयोग के समक्ष प्रस्तुत  करें। उन्होंने कहा कि रेपिड एक्शन टीम धमकाने, घूसखोरी, साम्प्रदायिक संघर्ष और भ्रष्टाचार के मामलों को गंभीरता से लेते हुए इसके खिलाफ त्वरित कार्रवाई किया जाना सुनिश्चित करे। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि सूचना प्रौद्योगिकी के उपयोग से बेहतर मॉनिटरिंग के प्रयास किये जाने चाहिये, ताकि चुनाव प्रक्रिया का शांतिपूर्ण संपादन किया जा सके। 

उन्होंने बताया कि पुलिस कर्मी अपने कर्तव्य के साथ-साथ मतदाता होने के अपने कर्तव्य का भी पालन कर सकें, इसके लिए उन्हें डाक मतपत्र की सुविधा दी गई है। श्री गुप्ता ने सभी अधिकारियों से ईवीएम प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि ईवीएम की सुरक्षा और भंडारण संवेदनशील कार्य है, जिसे पूरी जिम्मेदारी से किया जाए। उन्होंने गत राज्य विधानसभा चुनाव के दौरान सी-विजिल मोबाइल एप्लिकेशन की सफलता की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि आचार संहिता के उल्लंघन के मामले में यह एप काफी कारगर साबित हुआ है। इस एप के माध्यम से शिकायतों का त्वरित निस्तारण संभव हुआ है। 

अतिरिक्त महानिदेशक  पुलिस (प्रशिक्षण) श्रीमती मालिनी अग्रवाल ने कहा कि हमारे देश में चुनाव संपादित करने के लिए बड़ी संख्या में मानव संसाधन को नियोजित करना होता है। उन्होंने कहा कि बेहतरीन संसाधन प्रबंधन से ही निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव संपादित करने में सफलता हासिल की जा सकती है। 

अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (लॉ एण्ड ऑर्डर) श्री विशाल बंसल ने कहा कि पुलिस आदर्श आचार संहिता की पालना किया जाना सुनिश्चित करे। उन्होंने कहा कि चुनौतिपूर्ण और संवेदनशील बूथों पर पुलिस की विशेष व्यवस्था की जाए। 

पुलिस महानिरीक्षक श्री अनिल कुमार टांक ने अधिकारियों को सफल चुनाव प्रक्रिया के लिए प्रत्येक बूथ पर आवश्यकता अनुसार योजनाबद्ध तरीके से पुलिस तैनाती किया जाना सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। 

प्रशिक्षण कार्यक्रम में उप मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्री आलोक जैन सहित पुलिस के आला अधिकारी शामिल थे। कुछ अधिकारियों ने वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से कार्यक्रम में भाग लिया।

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Friday, December 1, 2023

विश्व एड्स दिवस पर राजस्थान में भी विशेष संकल्प लिया गया

Friday: 1st December  2023 at 07:55 PM

एड्स पर नियंत्रण के लिए बढ़ाई जाएगी सामुदायिक सहभागिता


जयपुर: 01 दिसम्बर 2023: (राजस्थान स्क्रीन डेस्क)::
विश्व ऐडस दिवस के मौके पर दुनिया भर में विशेष आयोजन हुए। इस से सतर्क रहने और पूरी तरह से ध्यान रखने की आवश्यकता अभी भी मौजूद है। इसी चेतना को और अधिक फैलाने के लिए दुनिया भर में विभिन्न संगठन इस दिशा में सक्रिय रहते हैं। देश और दुनिया के कई हिस्सों की तरह राजस्थान में इस मौके पर विशेष संकल्प लिया गया। 

विश्व एड्स दिवस के अवसर पर शुक्रवार को स्वास्थ्य भवन सभागार में राजस्थान एड्स कंट्रोल सोसायटी द्वारा राज्य स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि निदेशक जनस्वास्थ्य डॉ. रवि प्रकाश माथुर थे। निदेशक एड्स डॉ. सुशील कुमार परमार ने अध्यक्षता की। इस दौरान प्रदेशभर में एड्स नियंत्रण एवं जागरूकता कार्यक्रम में उत्कृष्ट कार्य करने वाले कार्मिकों, संस्थाओं एवं स्वयं सेवी संस्थाओं को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।

निदेशक जनस्वास्थ्य ने कहा कि इस वर्ष विश्व एड्स दिवस की थीम ‘‘लेट कम्यूनिटीज लीड’’ निर्धारित की गई है। उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य एड्स कन्ट्रोल कार्यक्रम में सामुदायिक सहभागिता बढ़ाना है। उन्होंने सभी संस्थाओं एवं कार्मिकों से इस बीमारी से पीड़ित लोगों के उपचार, उनके अधिकारों की रक्षा एवं गुणवत्तापूर्ण देखभाल का संकल्प लेने की अपील की।

डॉ. माथुर ने बताया कि वर्तमान में राजस्थान में एचआईवी से संक्रमित लगभग 59 हजार लोग उपचार ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति के एचआईवी संक्रमित होने पर उसकी प्राइवेसी और आमजन की नकारात्मक सोच एक चिंता का विषय रहता है। उन्होंने इसके लिए विशेष जागरूकता अभियान संचालित करने की आवश्यकता पर बल दिया। साथ ही एड्स पीड़ित व्यक्ति के परिजनों की भी स्क्रीनिंग एवं जांच करवाने की आवश्यकता प्रतिपादित की।

निदेशक एड्स डॉ. सुशील परमार ने बताया कि राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण कार्यक्रम के तहत वर्तमान चरण में युवाओं को अति संवेदनशील गु्रप के रूप चिन्हित किया गया है। प्रदेश के विभिन्न महाविद्यालयों में लगभग 755 रेड रिबन क्लब स्थापित किए गए हैं। इनका उद्देश्य युवाओं में एचआईवी एड्स के बारे में परस्पर सहयोग, समन्वय एवं समझ तैयार करना है। एचआईवी एड्स के साथ जी रहे लोगों के कल्याण के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण कार्यक्रम की 24ग्7 हैल्पलाइन 1097 पर 15 भाषाओं में गोपनीयता के साथ एचआईवी संबंधी समस्त जानकारी प्राप्त की जा सकती है। साथ ही गूगल प्ले स्टोर से नाको एड्स एप डाउनलोड करके भी विस्तृत जानकारी प्राप्त की जा सकती है।

इस अवसर पर राज्य टीबी अधिकारी डॉ. विनोद गर्ग, एसएमएस एआरटी सेन्टर के प्रभारी डॉ. अभिषेक अग्रवाल सहित विभिन्न स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधिगण एवं एड्स नियंत्रण क्षेत्र में कार्य कर रहे कार्मिक उपस्थित थे।