Showing posts with label Rajasthan. Show all posts
Showing posts with label Rajasthan. Show all posts

Tuesday, December 9, 2025

पांरपरिक चिकित्सा पर द्वितीय डब्ल्यूएचओ वैश्विक शिखर सम्मेलन का आयोजन

आयुष//Azadi Ka Amrit Mahotsav//प्रविष्टि तिथि: 09 December 2025 at 5:37PM by PIB Jaipur

भारत सरकार के आयुष मंत्रालय द्वारा दिनांक 17-19 दिसम्बर, 2025 को नई दिल्ली में विशेष आयोजन 


जयपुर: 09 दिसंबर 2025: (By PIB Jaipur//राजस्थान स्क्रीन डेस्क)::

भारत सरकार के आयुष मंत्रालय द्वारा दिनांक 17-19 दिसम्बर, 2025 को भारत मंडपम, नई दिल्ली में पांरपरिक चिकित्सा पर द्वितीय डब्ल्यूएचओ वैश्विक शिखर सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। यह जानकारी केन्द्रीय होम्योपैथी अनुसंधान संस्थान में अनुसंधान अधिकारी, वैज्ञा.-2, प्रभारी अधिकारी डॉ. निधि महाजन ने जयपुर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी। डॉ. महाजन ने बताया कि वर्ष 2023 में गुजरात में आयोजित पहले संस्करण के बाद, भारत पारंपरिक चिकित्सा पर दूसरे डब्ल्यूएचओ वैश्विक शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेगा। उन्होंने कहा कि यह शिखर सम्मेलन भारत के "सर्वे भवंतु सुखिन:, सर्वे संतु निरामया:” के दृष्टिकोण के अनुरुप, मानवता के स्वास्थ्य, खुशी और भलाई के लिए पारंपरिक चिकित्सा को मुख्यधारा में लाने के सामूहिक वैश्विक प्रयास में एक और महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। इस वर्ष के शिखर सम्मेलन का विषय (थीम) “पुनः स्थापन करना: स्वास्थ्य और कल्याण का विज्ञान और अभ्यास” है। इस आयोजन में 100 से अधिक देशों के मंत्री, नीति निर्माता, वैश्विक स्वास्थ्य नेता, शोधकर्ता, विशेषज्ञ, उद्‌योग प्रतिनिधि और चिकित्सक एक साथ आएंगे। पारंपरिक चिकित्सा में भारत के वैश्विक नेतृत्व पर जोर देते हुए, डॉ. महाजन ने कहा कि आयुष प्रणालियाँ - आयुर्वेद, योग और नेचुरोपैथी, यूनानी, सिद्ध, सोवा-रिग्पा और होम्योपैथी-सदियों से लोगों की सेवा कर रही हैं और आज दुनिया भर में समग्र स्वास्थ्य के लिए विश्वसनीय समाधान के रूप में पहचानी जाती हैं। उन्होंने कहा कि भारत की साझेदारी में जामनगर, गुजरात में डबल्यूएचओ ग्लोबल ट्रेडिशनल मेडिसिन सेंटर की स्थापना, भारत की पारंपरिक ज्ञान प्रणालियों में बढ़ते वैश्विक विश्वास को दर्शाती है। भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के सम्मेलन के समापन समारोह में आगमन की अपेक्षा है। यह शिखर सम्मेलन पारंपरिक, पूरक, एकीकृत और स्वदेशी दवाओं को राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्रणालियों में साक्ष्य-आधारित, न्यायसंगत और टिकाऊ एकीकरण के लिए एक दशक लंबे रोडमैप को आकार देगा। शिखर सम्मेलन के दौरान “अश्वगंधाः पारंपरिक जान से वैश्विक प्रभाव तक - प्रमुख वैश्विक विशेषज्ञों के दृष्टिकोण" नामक एक केंद्रित पूरक कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जो अश्वगंधा की वैज्ञानिक समझ को गहरा करने के लिए प्रमुख शोधकर्ताओं, नीति निर्माताओं और चिकित्सकों को एक साथ लाएगा। 

केन्द्रीय होम्योपैथी अनुसंधान परिषद (मुख्यालय), एक स्वायत्त निकाय के रूप में आयुष मंत्रालय, भारत सरकार के अधीन कार्य करती है, जो कि होम्योपैथी के क्षेत्र में भारत में एक शीर्ष अनुसंधान संगठन है। केन्द्रीय होम्योपैथी अनुसंधान परिषद, होम्योपैथी के क्षेत्र में वैज्ञानिक अध्ययन को बढ़ावा देने के लिए समर्पित है। इसकी स्थापना 1978 में हुई और मुख्यालय नई दिल्ली में है।  इसका प्रमुख उद्देश्य होम्योपैथी के वैज्ञानिक सत्यापन और वैश्विक स्वीकृति सुनिश्चित करने के लिए उच्च गुणवता वाले अनुसंधान का कार्य करना, समन्वय करना और विकसित करना है। केंद्रीय होम्योपैथी अनुसंधान परिषद अपने संस्थानों के समूह के माध्यम से पूरे भारत में बहु-केंद्रित अनुसंधान आयोजित करता है, जो कई प्रमुख क्षेत्रों पर ध्यान केंदित करता है। इनमें औषधि अनुसंधान, औषधि प्रमाणीकरण (स्वस्थ स्वयंसेवकों पर परीक्षण), होम्योपैथिक दवाओं का मानकीकरण, और उनके चिकित्सीय प्रभावों का नैदानिक सत्यापन शामिल है। इसके अतिरिक्त, परिषद विभिन्न रोगों के लिए होम्योपैथिक उपचार की प्रभावकारिता का आकलन करने के लिए कई ग्राहच्छिक नैदानिक परीक्षणों सहित नैदानिक अनुसंधान आयोजित करती है। 

ये परीक्षण पारंपरिक अवधारणाओं को आधुनिक वैज्ञानिक पद्‌धतियों के साथ एकीकृत करते हैं। परिषद मौलिक अनुसंधान में भी कार्यशील है, जो होम्योपैथिक सिद्‌धांतों के पीछे के मूल विज्ञान का पता लगाने के लिए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय निकायों के साथ सहयोग करती है। केंद्रीय होम्योपैथी अनुसंधान परिषद, स्वास्थ्य रक्षण कार्यक्रम, अनुसूचित जाति उप योजना स्वास्थ्य शिविरों आदि जैसी कई सार्वजनिक स्वास्थ्य पहलों में भी सक्रिय योगदानकर्ता है। इस प्रकार, केंद्रीय होम्योपैथी अनुसंधान परिषद, होम्योपैथी के लिए प्रमाणधारीत डेटा उत्पन्न करने और प्रकाशनों के माध्यम से अनुसंधान निष्कर्षों को प्रसारित करने के लिए अहम भूमिका निभाता है, जिससे अनुसंधान और सार्वजनिक स्वास्थ्य पहलों, दोनों से होम्योपैथी की गुणवत्ता और अनुप्रयोग को मजबूत किया जा सके। 

इस अवसर पर केंद्रीय होम्योपैथी अनुसंधान संस्थान, जयपुर के मीडिया प्रभारी डॉ. उत्तम सिंह ने बताया कि संस्थान की स्थापना 1979 में हुई। यह केंद्रीय होम्योपैथी अनुसंधान परिषद के तहत आयुष मंत्रालय का एक प्रमुख शोध संस्थान है। और NABH एवं लैब NABL प्रमाणित है। केंद्रीय होम्योपैथी अनुसंधान संस्थान को वर्ष 2025 में डॉ. सर्वपली राधाकृष्णन राजस्थान आयुर्वेद विश्वविद्‌यालय, जोधपुर से पीएचडी करवाने की मान्यता प्राप्त हुई है।

(रिलीज़ आईडी: 2200962) 

Saturday, November 29, 2025

अलवर की राजीविका बहनों से की मुलाक़ात

Rajasthan Jaipur//Alwar News on 29th November 2025 Regarding Women Empowerment

 केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री ने बताये सफलता के विशेष गुर 

उत्पादों के बाज़ारीकरण हेतु तीन स्तरीय रणनीति बनाने के निर्देश


जयपुर
//अलवर: 29 नवंबर 2025: (मीडिया लिंक रविंदर / /राजस्थान स्क्रीन डेस्क) ::

महिलाओं के बिना संसार भी नहीं चल सकता और घर परिवार भी। इसलिए महिलाएं घर बार और संसार को सफलता से चलाने के लिए स्वयं बढ़चढ़ कर आगे आ रही हैं। इस दिशा में समाज और सरकार दोनों ही महिलाओं के साथ आएं तो बात बहुत तेज़ी से बन जाएगी। सरकार महिलाओं को बता रही है कि किस तरह से महुला सशक्तिकरण हीसमाज को मज़बूत बना सकता है। 

इसी भावना और मकसद से केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री श्री भूपेन्द्र यादव से उनके नई दिल्ली स्थित आवास पर शनिवार को अलवर की राजीविका बहनों ने मुलाक़ात की। यह भेंट केंद्रीय मंत्री के विशेष निमंत्रण पर आयोजित की गई, जिसमें उन्होंने राजीविका बहनों के उत्पादों को देशभर में पहचान दिलाने और बेहतर बाज़ार उपलब्ध करवाने हेतु हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया। यह सहयोग तेज़ी से उपलब्ध भी होने लगा है। 

इस भेंट में केंद्रीय मंत्री ने राजीविका बहनों के कार्यों की सराहना करते हुए राजीविका उत्पादों की स्पष्ट पहचान, उत्पादों के मूल्यवर्धन हेतु प्रशिक्षण की सुव्यवस्थित व्यवस्था, तैयार उत्पादों के लिए बेहतर बाज़ार एवं विपणन अवसर उपलब्ध करवाने हेतु तीन स्तरीय कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए। इस कार्ययोजना के बहुत अच्छे परिणाम भी जल्द सामने आएंगे   

इसी दिशा में प्रशिक्षण और विपणन सहायता को प्रभावी बनाने के लिए उन्होंने वी-शक्ति ट्रस्ट को भी विशेष दिशा-निर्देश प्रदान किए। साथ ही यह आश्वासन दिया कि विभिन्न विभागों को निर्देशित किया जाएगा कि वे राजीविका बहनों को उत्पाद विक्रय हेतु उपयुक्त स्थान उपलब्ध करवाएं। इस कदम से जल्द ही महिमा सशक्तिकरण में एक क्रांति आ जाएगी। 

इस सुअवसर पर राजीविका बहनों ने केंद्रीय मंत्री श्री यादव को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए बताया कि अलवर सांसद खेल उत्सव तथा राजीविका–वी शक्ति मेले में भोजन उपलब्ध करवाने के अवसर से उन्हें लगभग 15 लाख रुपये का ऑर्डर प्राप्त हुआ तथा मेले में भी उनके उत्पादों की लाखों रुपये की बिक्री हुई। इससे समूहों को आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में बड़ी प्रगति मिली। इस सफलता का ेटासिक असर पूरे समाज पर पड़ेगा। 

अपनी इस मुलाक़ात के दौरान राजीविका बहनों ने श्री यादव को अपने हस्तनिर्मित “बाजरे के लड्डू” और “राजीविका बहनों की पाती” भेंट स्वरूप प्रस्तुत की, जिसे मंत्री जी ने उत्साहपूर्वक स्वीकार किया। गौरतलब है कि बाजरे के इन लडडुओं को स्वाद और सम्मान के क्षेत्र में बहुत महत्व हासिल है। 

यह मुलाक़ात राजीविका बहनों के लिए नई संभावनाओं और सशक्तिकरण के नए आयाम खोलने वाली साबित हुई। अच्छा हो अगर यह योजनाएं देश के कोने कोने में पहुंच जाएं। कोई भी महिला ,  कोई भी घर आर्थिकक तौर पर कमज़ोर न रहे। हर घर में खुशहाली हो और मां लक्ष्मी की कृपा रहे। 

——नेमीचंद / आशुतोष——   

Wednesday, October 1, 2025

ग्रामीण विकास मंत्री ने किया सुमंगल दीपावली मेला– 2025 का शुभारंभ

 RJPRD//1st October 2025//राजीविका

मेला स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं के हुनर और आत्मनिर्भरता का प्रतीक

*महिला सशक्तीकरण का एक सशक्त मंच यह मेला-डॉ. किरोडी लाल 

*1 से 12 अक्टूबर तक इंदिरा गांधी पंचायती राज ग्रामीण विकास संस्थान परिसर में हो रहा आयोजन 

जयपुर: पहली अक्टूबर 2025: (मीडिया लिंक रविंदर//राजस्थान स्क्रीन डेस्क)::


ग्रामीण विकास मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल ने  राजस्थान ग्रामीण आजीविका विकास परिषद (राजीविका) के सौजन्य से इंदिरा गांधी पंचायती राज सस्थान में आयोजित हो रहे सुमंगल दीपावली मेला–2025 का बुधवार को  शुभारंभ किया । उन्होंने कहा कि यह मेला स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं के हुनर और आत्मनिर्भरता का प्रतीक है। यह आयोजन केवल एक उत्सव नहीं बल्कि ग्रामीण जीवन, कला, संस्कृति और महिला सशक्तीकरण का एक सशक्त मंच है जो ग्रामीण महिलाओं के जीवन में नई रोशनी लेकर आएगा।

डॉ. किरोड़ी ने कहा कि राजीविका ने प्रशिक्षण, वित्तीय सहयोग और विपणन अवसर प्रदान कर ग्रामीण महिलाओं को सशक्त बनाया है। आज ये महिलाएँ न केवल अपने परिवारों का संबल हैं बल्कि गाँव की अर्थव्यवस्था को भी मजबूत बना रही हैं। उन्होंने मेले में स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं से बात कर उनकी संख्या, लागत और आय के बारे में जानकारी ली। उन्होंने आमजन से इस मेले में अधिक से अधिक खरीदारी करने का आह्वान किया तथा कहा कि यहां से  खरीदा गया प्रत्येक उत्पाद केवल एक वस्तु नहीं बल्कि हमारी ग्रामीण बहनों की मेहनत और सपनों का प्रतीक है। उन्होंने अलवर के स्वयं सहायता समूह द्वारा लगाई गई स्टॉल से दीये खरीद कर यूपीआई से भुगतान किया। 

उल्लेखनीय है कि यह मेला 1 से 12 अक्टूबर तक इंदिरा गांधी पंचायती राज ग्रामीण विकास संस्थान परिसर जवाहर लाल नेहरू मार्ग जयपुर में प्रतिदिन प्रातः 10 बजे से रात्रि 9 बजे तक आयोजित किया जा रहा है। मेले में 65 हैंडीक्राफ्ट स्टॉल्स एवं 10 स्टॉल्स से सजा भव्य फूड कोर्ट आकर्षण के केंद्र हैं। यहाँ आगंतुकों को राजस्थान के विविध जिलों के हस्तनिर्मित उत्पाद और परम्परागत राजस्थानी व्यंजनों का आनंद लेने का अवसर मिल रहा है।

मेले में जयपुर की ब्लू पॉटरी, सांगानेरी व बगरू प्रिंट, कोटा डोरिया साड़ी, सवाई माधोपुर की लाख की चूड़ियाँ, राजसमंद की मीनाकारी एवं मोलेला पॉटरी, बीकानेर के अचार व नमकीन, अलवर का टेराकोटा, भरतपुर के जूट उत्पाद, नागौर की कैर, सांगरी व कसूरी मेथी, बांसवाड़ा के तीर-कमान, श्रीगंगानगर के सॉफ्ट टॉयज, दौसा एवं जालोर की राजस्थानी जूतियाँ विशेष आकर्षण का केंद्र हैं।

मेले में आगंतुक राजस्थानी भोजन दाल-बाटी-चूरमा, गट्टे की सब्जी, केर-सांगरी, बाजरे व ज्वार की रोटी, कढ़ी-पकोड़ी, घेवर, मालपुआ, फेणी और रबड़ी जैसे स्वादिष्ट व्यंजनों का लुफ्त भी उठा रहे हैं।

इस अवसर पर राज्य मिशन निदेशक श्रीमती नेहा गिरि एवं परियोजना निदेशक (प्रशासन) श्रीमती प्रीति सिंह सहित  अन्य विभागीय अधिकारी और  स्वयं सहायता समूहों की महिलाए उपस्थिति रही।

———//नेमीचन्द—आशुतोष/ब्रजेश

Monday, August 25, 2025

मताधिकार और नैतिक मतदान के प्रति जागरूक

प्रदेश के विद्यार्थी अब होंगे  अधिकारों के प्रति और जागरूक 

निर्वाचन विभाग एवं स्कूल शिक्षा विभाग के बीच हुआ एमओयू 

प्रदेश के विद्यार्थियों में मतदाता जागरूकता के क्षेत्र में यह एमओयू मील का पत्थर 

मुख्य निर्वाचन अधिकारी 

एमओयू के माध्यम से स्कूल शिक्षा में निर्वाचन साक्षरता शामिल कर निर्वाचन साक्षरता क्लब (ELC) का सुदृढ़ीकरण एवं सुचारू संचालन संपन्न हो सकेगा-शिक्षा सचिव


जयपुर: 25 अगस्त 2025: (मीडिया लिंक रविंदर/ /राजस्थान स्क्रीन डेस्क )::

निर्वाचन साक्षरता एवं मतदाता जागरूकता के क्षेत्र में निर्वाचन विभाग एवं स्कूल शिक्षा विभाग के बीच सोमवार को शासन सचिवालय, जयपुर में ऐतिहासिक एमओयू हुआ। मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्री नवीन महाजन एवं शासन सचिव, स्कूल शिक्षा विभाग श्री कृष्ण कुणाल ने इस समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। इस संयुक्त एमओयू के तहत राज्य के समस्त माध्यमिक / उच्च माध्यमिक स्तर के  राजकीय एवं निजी विद्यालयों में भारत निर्वाचन आयोग की संकल्पना को साकार करते हुए स्कूल निर्वाचन साक्षरता क्लब (ELC) का सुदृढ़ीकरण एवं ईएलसी गतिविधियों का सुचारू संचालन संपन्न हो सकेगा।

बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्री महाजन ने कहा कि राज्य में स्कूल शिक्षा विभाग के पर्यवेक्षण में राजकीय एवं निजी विद्यालयों में कक्षा 9 से 12 के विद्यार्थियों को शामिल करते हुए निर्वाचन साक्षरता क्लब गठित कर संचालित किया जा रहे हैं। इन क्लबों की ऑनलाइन मॉनिटरिंग के लिए शाला दर्पण पोर्टल एवं प्राइवेट स्कूल पोर्टल पर ऑनलाइन ईएलसी एंट्री मॉड्युल उपलब्ध कराया गया है। देश में राजस्थान स्कूल ईएलसी के सुदृढ़ीकरण हेतु डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने वाला संभवतः पहला राज्य है। अब कक्षा 9 से 12वीं में अध्ययनरत 17 वर्ष के समस्त विद्यार्थियों का अग्रिम रूप से मतदाता पंजीकरण आसान होगा और 18 वर्ष की आयु को पूर्ण करते ही विद्यार्थियों को उनका मतदाता पहचान पत्र प्राप्त हो जाएगा, जिससे वो आगामी चुनावों में सक्रिय मतदाता के रूप में अपना कर्तव्य निभा सकेंगे।

श्री महाजन ने  कहा कि  इस MoU का उद्देश्य विद्यालय स्तर पर मतदाता शिक्षा, जागरूकता एवं लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति विद्यार्थियों को जागरूक करना तथा भावी मतदाताओं में निर्वाचन प्रक्रिया के प्रति समझ विकसित करना है। साथ ही भविष्य में भारत निर्वाचन आयोग एवं शिक्षा मंत्रालय – भारत सरकार के निर्देशन में एनसीईआरटी द्वारा विकसित मतदाता शिक्षा से संबंधित पाठ्यक्रम को राज्य की स्कूल शिक्षा में शामिल किया जाना प्रस्तावित है।

शासन सचिव, स्कूल शिक्षा विभाग श्री कृष्ण कुणाल ने कहा कि इस एमओयू से हम विद्यार्थियों के समग्र विकास की ओर अग्रसर होंगे और उनमें मतदाता शिक्षा एवं लोकतांत्रिक मूल्यों का समावेश हो सकेगा। उन्होंने कहा कि वर्तमान सत्र 2025-26 के शिविरा कैलेंडर में ईएलसी गतिविधियों को पहले ही शामिल कर लिया है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत मतदाता जागरूकता से संबंधित अध्याय भी जोड़े जा रहे। राज्य के विद्यालयों में संचालित ईएलसी क्लब एवं आयोजित गतिविधियों  की शाला दर्पण पोर्टल के माध्यम से दोनों विभागों द्वारा विभिन्न स्तर पर सतत मॉनिटरिंग की जा रही है। उन्होने कहा कि इस एमओयू से हम मतदाता जागरूकता एवं शिक्षा के क्षेत्र में और अधिक प्रतिबद्धता से कार्य कर सकेंगे।

श्री कुणाल ने कहा कि आज निष्पादित किए गए MoU के माध्यम से हम निर्वाचन विभाग के साथ संकल्प लेते हैं कि विद्यालयों में निर्वाचन साक्षरता के लिए अनुकूल वातावरण विकसित कर हमारे विद्यार्थियों को उनके वोट के महत्व और मूल्य के बारे में प्रभावी रूप से शिक्षित करेंगे और सशक्त लोकतंत्र की ओर अग्रसर होंगे।

यूथ चला बूथ का विमोचन—

इस अवसर पर मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्री नवीन महाजन ने निर्वाचन विभाग द्वारा शुरू की गयी त्रैमासिक विभागीय पत्रिका (यूथ चला बूथ) का विमोचन भी किया गया। उन्होंने कहा कि यूथ चला बूथ पत्रिका खास तौर पर युवा मतदाताओं पर केंद्रित है जिसमें प्रमुख रूप से ईएलसी यानि निर्वाचन साक्षरता क्लब में होने वाली जागरूकता गतिविधियों को शामिल किया जाएगा।

कार्यक्रम में राज्य परियोजना निदेशक, समग्र शिक्षा अभियान (एसएमएसए), राजस्थान शिक्षा परिषद एवं आयुक्त, स्कूल शिक्षा श्रीमती अनुपमा जोरवाल एवं संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. रौनक बैरागी सहित दोनों विभागों के अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित रहे।

——//बनवारी यादव/रवीन्द्र सिंह//------

Tuesday, July 15, 2025

आज का समय स्किल, स्टार्ट्स अप और स्पोर्ट्स का अमृतकाल है

  From PRD Rajasthan on 15 Jul 2025 at 9:18 PM

--कर्नल राज्यवर्धन ने बताया मौजूदा दौर का सार और गुर 

-विश्व युवा कौशल दिवस-2025 पर युवाओं को मिला प्रेरणा और अवसर का नया संबल

जयपुर: 15 जुलाई 2025: (मीडिया लिंक 32//राजस्थान स्क्रीन डेस्क) ::


कैबिनेट मंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने
विश्व युवा कौशल दिवस के अवसर पर प्रदेश के युवाओं को प्रेरणादायक संबोधन देते हुए कहा कि आज का समय  स्किल, स्टार्ट्स अप और स्पोर्ट्स का अमृतकाल है। युवाओं का कौशल ही भारत की सबसे बड़ी ताकत बनेगा।

उन्होंने बताया कि राज्य की कामकाजी आबादी अब कुल जनसंख्या का 63% हो चुकी है, जो आने वाले वर्षों में प्रदेश को देश का सबसे युवा और दक्ष राज्य बना सकती है।

उन्होंने कहा, “अगर इस जनशक्ति को सही दिशा और कौशल मिले तो यही भारत को नेतृत्व प्रदान करने वाली शक्ति बनेगी। हम कौशल को केवल नौकरी पाने का माध्यम नहीं बल्कि नौकरी देने की क्षमता का आधार मानते हैं।”

कर्नल राठौड़ ने जानकारी दी कि राज्य सरकार द्वारा इस वर्ष लगभग 3 लाख युवाओं को 663 कौशल विकास केंद्रों के माध्यम से प्रशिक्षण दिया गया है और 683 करोड़ रूपये से अधिक का कौशल भत्ता वितरित किया गया है।

उन्होंने कोलकाता के पिंटू पोहन की कहानी साझा की, जिन्होंने पान की दुकान चलाते हुए 12 उपन्यास और 200 से अधिक कहानियाँ लिखी। यह इस बात का प्रतीक है कि संकल्प, मेहनत और कौशल से हर परिस्थिति बदली जा सकती है।

कर्नल राठौड़ ने ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला का उल्लेख करते हुए कहा कि 41 वर्षों बाद किसी भारतीय ने अंतरिक्ष  में जाकर अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर  तिरंगा लहराया है, जो भारत सरकार की दूरदर्शिता और युवाओं में विश्वास का प्रमाण है।

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के वक्तव्य का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा, “भारत के पास दो सबसे बड़ी ताकतें हैं — डेमोक्रेसी और डेमोग्राफी । आज दुनिया मानती है कि भारत के पास वह युवा शक्ति है जो वैश्विक नेतृत्व दे सकती है।”

इस अवसर पर मंच पर राज्य मंत्री श्री के.के. विश्नोई, श्री विश्वकर्मा कौशल विकास बोर्ड के अध्यक्ष श्री रामगोपाल सुथार, अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री संदीप वर्मा , आरएसएलडीसी के प्रबंध निदेशक श्री ऋषभ मंडल तथा महाप्रबंधक श्रीमती सुनीता यादव की गरिमामयी उपस्थिति रही।

कार्यक्रम में एसोचेम , फिक्की जैसे प्रमुख औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधि, कौशल क्षेत्र से जुड़े उद्योग प्रतिनिधि, प्रशिक्षण संस्थान, विभिन्न हितधारक तथा आरएसएलडीसी के  अधिकारीगण उपस्थित रहे।

टीसीएस  का ‘कॅरियर क्रिएटर’ पोर्टल लॉन्च—

राइजिंग राजस्थान के तहत टाटा कन्सलटेंसी सर्विसेज के साथ हुए एमओयू  को धरातल पर उतारते हुए विश्व युवा कौशल दिवस के मौके पर टीसीएस का नवीनतम पोर्टल  ‘कॅरियर क्रिएटर’ लॉंन्च किया गया।

यह एक फ्री कॅरियर डिाकवरी एंड रेडीनेस पैकेज है, जो युवाओं को कॅरियर चयन, आत्म मूल्यांकन, स्किल गाइडेंस और डिजिटल टूल्स के माध्यम से तैयारी में मदद करेगा।

यह पोर्टल युवाओं को 21वीं सदी के कॅरियर लायक़ स्किल्स और सोच विकसित करने में सहायता करेगा।

प्रतिभाओं का सम्मान—

इस अवसर पर प्रदेश के उन स्किल आइकन्स, एनसीवीटी टॉपर्स एवं स्किल एम्बेसडर्स को  सम्मानित किया गया, जिन्होंने कौशल के क्षेत्र में राज्य और देश को गौरव दिलाया है।

सम्मानित युवाओं ने अपने-अपने क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर यह सिद्ध किया है कि समर्पण और स्किलिंग से कोई भी मंज़िल दूर नहीं।

राज्य मंत्री श्री के.के. विश्नोई ने अपने संबोधन में कहा कि प्रदेश सरकार युवाओं को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने हेतु सतत प्रयासरत है। हम चाहते हैं कि राजस्थान का युवा सिर्फ देश में नहीं, दुनिया में अपनी पहचान बनाए।

आयोजन की व्यापकता—

कार्यक्रम में राज्य भर से आए युवाओं, आईटीआई प्रशिक्षुओं, ट्रेनिंग प्रोवाइडर्स, कौशल विश्वविद्यालयों, औद्योगिक प्रतिनिधियों और विभिन्न साझेदार संस्थानों ने भाग लिया।

विभिन्न स्किल स्टॉल्स, लाइव डेमो, डिजिटल टेक्नोलॉजी प्रजेंटेशन, और काउंसलिंग बूथ्स के माध्यम से युवाओं को कौशल अवसर,एप्रेंटिसशिप और उद्यमिता से अवगत कराया गया।

आयोजन में स्किल्ड राजरस्थान के विज़न को लेकर जो ऊर्जा, भागीदारी और दिशा सामने आई, वह आने वाले वर्षों में राजस्थान को राष्ट्रीय कौशल मानचित्र पर अग्रणी स्थान दिलाने में निर्णायक साबित होगी।

————//अमन​दीप/ब्रजेश 

Thursday, June 26, 2025

मामला 345 पंजीकृत अमान्यताप्राप्त राजनीतिक दलों

राजस्थान: इन दलों को डीलिस्ट करने की प्रक्रिया प्रारंभ 


राजस्थान से 09 पंजीकृत अमान्यताप्राप्त राजनीतिक दल (RUPPs) डीलिस्ट हेतु चुने गए

सीकर: 26 जून 2025: (मीडिया लिंक रविंदर//राजस्थान स्क्रीन डेस्क)::

भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त श्री ज्ञानेश कुमार की अध्यक्षता में तथा निर्वाचन आयुक्त डॉ. सुखबीर सिंह संधू और डॉ. विवेक जोशी की उपस्थिति में 345 पंजीकृत अमान्यताप्राप्त राजनीतिक दलों (RUPPs) को डीलिस्ट करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। ये वे दल हैं जो वर्ष 2019 से पिछले छह वर्षों में कोई भी चुनाव नहीं लड़े हैं और जिनके कार्यालयों का भौतिक रूप से कोई पता नहीं चल पाया है। ये 345 राजनीतिक दल देश के विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से हैं।

निर्वाचन आयोग के संज्ञान में यह बात आई है कि वर्तमान में पंजीकृत 2800 से अधिक RUPPs में से कई दल ऐसे हैं जो RUPP के रूप में बने रहने की आवश्यक शर्तों को पूरा नहीं कर रहे हैं। इसी के मद्देनज़र आयोग ने राष्ट्रव्यापी स्तर पर ऐसे दलों की पहचान के लिए एक विशेष अभियान चलाया, जिसके अंतर्गत अब तक 345 ऐसे दल चिन्हित किए जा चुके हैं।

राजस्थान से डीलिस्ट हेतु चुने गए 09 पंजीकृत अमान्यताप्राप्त राजनीतिक दल (RUPPs) 

राजस्थान से आयोग ने डिलिस्ट करने के लिए प्रारम्भिक रूप मे राजस्थान जनता पार्टी, राष्ट्रीय जन सागर पार्टी, खुशहाल किसान पार्टी, भारत वाहिनी पार्टी, भारतीय जन हितकारी पार्टी, नेशनल जनसत्ता पार्टी, नेशनलिस्ट पीपलस फ्रंट, स्वच्छ भारत पार्टी एवं महाराणा क्रांति पार्टी का चयन किया है।   

यह सुनिश्चित करने के लिए कि कोई भी दल अनुचित रूप से डीलिस्ट न हो, संबंधित राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों (CEOs) को निर्देश दिया गया है कि वे इन दलों को कारण बताओ नोटिस जारी करें। इसके बाद संबंधित CEOs द्वारा इन दलों को व्यक्तिगत सुनवाई का अवसर दिया जाएगा। किसी भी दल को डीलिस्ट करने का अंतिम निर्णय भारत निर्वाचन आयोग द्वारा लिया जाएगा।

देश में राजनीतिक दल (राष्ट्रीय/राज्य/पंजीकृत अपंजीकृत) जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 29A के तहत निर्वाचन आयोग में पंजीकृत होते हैं। इस प्रावधान के अंतर्गत, कोई भी संगठन एक बार राजनीतिक दल के रूप में पंजीकृत हो जाने पर कर में छूट जैसी विभिन्न सुविधाओं और लाभों का पात्र हो जाता है।

यह प्रक्रिया राजनीतिक प्रणाली की शुद्धि और उन दलों को डीलिस्ट करने के उद्देश्य से की जा रही है, जिन्होंने वर्ष 2019 से लोकसभा या राज्य विधानसभाओं या उपचुनावों में कोई चुनाव नहीं लड़ा है और जिनका भौतिक अस्तित्व भी स्थापित नहीं हो सका है। इस अभियान के पहले चरण में 345 ऐसे दल चिन्हित किए गए हैं और यह प्रक्रिया राजनीतिक प्रणाली को स्वच्छ बनाने के उद्देश्य से आगे भी जारी रहेगी।  --------

Friday, April 25, 2025

डूंगरपुर में पीएम आवास लाभार्थी रेखा रोत के घर हुआ गृह प्रवेश समारोह

छाया चौबीसा,सहायक निदेशक ,सूचना एवं जनसंपर्क कार्यालय डूंगरपुर//गुरूवार दिनांक 24 अप्रेल 2025

पंचायती राज दिवस पर कराया ढोल ढमाकों, विधि विधान से गृह प्रवेश


डूंगरपुर
: 24 अप्रैल 2025: (मीडिया लिंक रविंदर//राजस्थान स्क्रीन डेस्क)::

अभी भी देश और दुनिया में बहुत से लोग हैं जिनके पास ऐसी छत नहीं है जिसे घर कहा जा सके। बसेरा कहा जा सका या फिर जहां थक हार कर लौट आने से लगे कि बस यही है अपनी दुनिया। ऐसे लोगों को घर देने का संकल्प किया था मुख्यमंत्री का। इसे पूरा करना आसान नहीं था। यह एक ऐसा सपना था जिसे साकार करना सचमुच बहुत मुश्किल था। इसके बावजूद मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा दृढ़ता से इस पर अडिग थे। आखिर मेहनत रंग लाई। सपना साकार होने का वक़्त आया। खुशियों ने लाभार्थी  रेखा का दरवाज़ा खटखटाया।  

डूंगरपुर में उस दिन सारा इलाका ही खुश था। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के प्रदेश में सुशासन देने तथा हर गरीब का सपना साकार करने की दिशा में कार्य करते हुए डूंगरपुर में प्रधानमंत्री आवास लाभार्थी रेखा के घर प्रशासन के साथ पहुंचा तथा गृह वास्तु कराकर गृह प्रवेश करवाया गया। 

उस दिन विशेष दिन ही था। पंचायतीराज के स्थापना दिवस 24 अप्रेल, 2025 का दिन रेखा पत्नि तुलसी राम रोत निवासी खेरवाडा सिदडी का दिन किसी सपने से कम नहीं था, जिसके आंगन में जिला परिषद डूंगरपुर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी हनुमान सिंह राठौड की अगुवाई में सभी पंचायत राज विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारी के साथ ढोल ढमाकों के साथ प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत निर्मित लाभार्थी रेखा के घर गृह प्रवेश करवाने पहुंचे। माहौल बहुत ही यादगारी बन पड़ा।

इस शुभ अवसर पर वैदिक मंत्रों के उच्चारण के साथ आवास चाबी, दीवार घडी और दौडते घोडों से युक्त तस्वीर भेंट कर महेष ओझा अधिशासी अधिकारी महानरेगा, पंचायत समिति के विकास अधिकारी प्रवीण सिंह राव, प्रधानमंत्री आवास के प्रभारी गौरी शंकर कटारा, मनरेगा प्रभारी श्याम सुन्दर पाटीदार, आवास शाखा से मोहन लाल यादव, भावेश जोशी , ग्राम पंचायत सिदडी खेरवाडा के प्रशासक गोदावरी देवी, वार्ड पंच भूरी देवी परमार ग्राम विकास अधिकारी लीला बुझ, लोकेश डिंडोर , रमेश कटारा कनिष्ठ सहायक, समाजसेवी बाबुलाल परमार, भगवान परमार, मावजी कटारा, मोहन कटारा सहित डायालाल परमार की मौजूदगी में गृह प्रवेश करवाया गया। ख़ुशी के आंसुओं से मन भरा हुआ था। 

इस का लाभ उठाने वाली रेखा के परिवार के साथ गृह वास्तु के बाद सभी ने पंगत में बैठ कर परम्परागत भोज लपसी, दाल चावल का सेवन किया। भोजन की व्यवस्था जिला प्रशासन द्वारा निःशुल्क की गई। रेखा के दो बेटे और दो बेटियों के चेहरे पर खुशी देखते ही बनती थी। इससे पूर्व लाभार्थी रेखा को शॉल और उपर्णा भेट कर मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने समय पर प्रधान मंत्री आवास पूर्ण करने की बधाई दी तथा बच्चों को साफा एवं माल्यापर्ण कर शुभकामनाएं प्रदान की। एक नई दुनिया का निर्माण हुआ था। स्वर्ग सा सुंदर घर सामने था। 

उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री आवास लाभार्थी को वर्ष 2024-25 में प्रथम किश्त 15000 द्वितीय किश्त 45000 तृतीय किश्त 60000 कुल 120000 रूपये एवं महानरेगा योजना में 90 दिवस का 23940 रूपया प्रदान किया। बस कुछ ही पड़ावों में यह सपना साकार कर लिया गया। 

उम्र का लंबा हिस्सा संघर्षों में काटने वाली रेखा बहुत प्रसन्नता से बताती है कि सरकार ने मेरा सपना साकार किया।  अनुमान लगाइये रेखा की खुशियों का। 

संघर्षों के बाद मिली ख़ुशी की चमक भी अलग ही होती है। लाभार्थी रेखा ने बताया कि गरीब के घर के वास्तु का सपना, सपना ही रह जाता है लेकिन प्रशासन ने बिना कोई खर्च करवाये वास्तु करवाया, आसपास के परिवारों और बच्चों के साथ जीमण करवाया, श्रीफल, दीवार घडी की भेंट देकर  सरकार ने मेरा और मेरे परिवार का जो सपना पूरा किया है, इसे वह ताउम्र नहीं भूल पायेगी। 

इस बहुत बड़ी मानवीय उपलब्धि के बावजूद अभी यह देखना बाकी है कि कितने और परिवार इस सुविधा से वंचित हैं? कितने लोगों के पास सिर छुपाने की छत नहीं है? अभी सफर लंबा है। चले चलो कि वह मंज़िल अभी नहीं आई...! 

---000---

Tuesday, July 16, 2024

राजस्थान के लिए पानी की ज़रूरत को के ए अब्बास साहिब ने भी समझा था

Tuesday 15 July 2024 at 07:51 PM

चौबीसों घण्टे पेयजल सप्लाई पर आयोजित हुई कार्यशाला

लेकिन अतीत में जाना होगा दो बूँद पानी की फिल्म देखने भी 


जयपुर
: 15 जुलाई 2024: (के के सिंह//राजस्थान स्क्रीन डेस्क):: 

जब राजस्थान में पानी का संकट बेहद गंभीर था .लोग बूँद बूँद पानी को तरसते थे। उस समय भी राजस्थान के लोगों की ज़िन्दगी के इस दर्द को बहुत जहां संवेदना से महसूस करने वाले लोग मौजूद थे। इनके प्रयासों को उस सफलता की नींव कहा जा सकता है जिस सफलता के अंतर्गत आज लोगों की बहुत बड़ी संख्या तक पानी पहुंच पा रहा है। इन्हीं संवेदनशील लोगों में एक जानेमाने बुद्धिजीवी थे जनाब ख्वाजा अहमद अब्बास।   

ख्वाज़ा अहमद अब्बास लेखन, पत्रकारिता और फिल्म संसार के एक जानेमाने नाम थे। उन्होंने एक फिल्म बनाई थी दो बूंद पानी। राजस्थान के  पानी लाने के लिए गांवों के आम लोगों ने क़ुरबानी की जिस भावना से काम लिया उसका अहसास दिलाती है यह फिल्म। पानी लाना कितना मुश्किल था। पहाड़ों को हटाना कितना मुश्किल था। डाईना माईट ही बस एक रास्ता था। लेकिन इस धमाके में भी जान जाने का खतरा था। अपने गांव तक नहर पहुंचाने के लिए गांव का जवान गंगा राम कहता है मैं करूंगा यह काम। गंगा सिंह की इस भूमिका को जलाल आगा ने बहुत कमाल से निभाया। 

गंगा सिंह की क़ुरबानी के बाद नहर का रास्ता तो बन जाता पर गांव में उसका इंतज़ार कर रही उसकी पत्नी गौरी दिन रात उसकी याद में तड़पती है। उसके राहें देखती है। इस मामले में गीत संगीत बहुत ही कमाल का है। उसे कुछ नहीं पता कि उसका गंगा राम तो नहर  क़ुरबानी दे गया। 

जब गांव का इंजीनियर और गौरी की ननद नहर के उदघाटन पर उसे लिवाने के लिए आते हैं तब का माहौल भी बहुत दर्द भरा है। गौरी पूछती है उसका गंगा कहां है? उसे जवाब नहीं मिलता। आखिर गौरी को लेकर नहर के शुभारम्भ वाले आयोजन में लेजाया जाता है। गौरी फिर पूछती है। उसका गंगा कहां है? वह नज़र क्यूं नहीं आ रहा। तब नहर इंजीनियर बाबू हुए गौरी की ननद कहते हैं ज़रा सामने देखो। दर्शकों को भी एक बारगी तो लगता है। अभी गंगा सामने से निकल आएगा। बस सामने देखो कहते ही पानी छोड़ने का बटन दबा दिया जाता है। गौरी सामने देख रही है। तब उछलते आ रहे नहर के पानी में निर्देशक ने उसके पति गंगा सिंह की छवि उसी पानी में दिखाई है। गौरी की भूमिका बहुत ही शानदार ढंग से निभाई है सिम्मी गरेवाल ने। उस समय के हालात और इस फिल्म को ज़हन में रखे बिना हां आज की उस ख़ुशी को भी न समझा पाएंगे जो आज के राजस्थान में 24 घंटे पेय जल की सप्लाई को लेकर पाई जा रही है। 


इस वर्कशाप की खबर के अवसर पर इस फिल्म का उल्लेख भी ज़रूरी था। राजस्थान नगरीय आधारभूत परियोजना (आरयूआईडीपी ) द्वारा चौबीसों घण्टे पेयजल सप्लाई पर कार्यशाला जयपुर शहर में आयोजित की गई।कार्यशाला में आरयूआईडीपी, रूडसिको और डी.एल.बी. के अभियन्ताओं ने भाग लिया। इसमें चौबीसों घण्टे पेयजल सप्लाई के क्रियान्वयन में आने वाली चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की गई और फील्ड से मिले अनुभवों को साझा किया गया। 

एडमिनिस्ट्रेटिव स्टॉफ कॉलेज ऑफ इंडिया, हैदराबाद के केन्द्र निदेशक प्रोफेसर एस. चारी ने मूलभूत सुधारों एवं आवश्कताओं पर विस्तार से समझाया। उन्होंने देश-विदेश की बेस्ट प्रेक्टिसेज और चौबीसों घण्टे पेयजल सप्लाई को प्राप्त कर चुके शहरों का उदाहरण देकर समस्याओं को हल करने का सुझाव दिया।

आरयूआईडीपी के अतिरिक्त परियोजना निदेशक (द्वितीय) डॉ. हेमन्त कुमार शर्मा ने कार्यशाला को परियोजना क्रियान्वयन ईकाईयों के अभियन्ता के लिए बहुत लाभकारी बताया और उन्हें बताया कि वे कार्यशाला में अपने अनुभव साझा करें और बेस्ट प्रेक्टिसेज से सीख लें। कार्यशाला में श्री गंगानगर, झुंझुनूं, पाली, टोंक, लक्ष्मणगढ़, सरदारशहर, कुचामन सिटी, बांसवाड़ा, सिरोही, आबू रोड़, मण्डावा व खेतडी परियोजना शहरों में कार्यरत अभियन्ताओं ने भाग लिया।  

 वाटको ( वाटर कॉर्पोरेशन ऑफ ओडिसा ) के  परियोजना प्रबंधक श्री चिन्मय त्रिपाठी ने ओडिसा के विभिन्न शहरों में सफलतापूर्वक चल रही  चौबीसों घण्टे पेयजल सप्लाई योजना को प्रेजेन्टेशन मे माध्यम से समझाया। डॉ. स्नेहलता ने हैदराबाद के घरों में नॉन रेवेन्यू वाटर को घटाने और उसमें जन सहभागिता, आई.ई.सी. और व्यवहार परिवर्तन गतिविधियों की भूमिका  को विस्तारपूर्वक समझाया। 

कार्यशाला में आरयूआईडीपी के एडिशनल प्रोजेक्ट डायरेक्टर (प्रथम)  श्री डी.के.मीणा, वित्तीय सलाहकार श्रीमती जिज्ञासा गौड़, अतिरिक्त मुख्य अभियंता श्री के. के. नाटाणी, उप-परियोजना निदेशक (तकनीकी) श्री कपिल गुप्ता, उप-परियोजना निदेषक (प्रशासन) श्री एस.एस. खिडिया एवं अन्य अभियन्ता मौजूद रहे।

------


Friday, March 22, 2024

राजस्थान पुलिस अकादमी जयपुर में पुलिस प्रशिक्षण कार्यक्रमत

Friday 22 March  2024 at 09:09 AM

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा:

मतदान के लिए सुरक्षित और डर रहित वातावरण सुनिश्चित करना पुलिस का दायित्व


जयपुर: 22 मार्च 2024: (राजस्थान स्क्रीन डेस्क)::

मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्री प्रवीण गुप्ता ने कहा कि शांतिपूर्ण और निष्पक्ष चुनाव संपादित करने में पुलिसकर्मियों की भूमिका अहम है। प्रदेश के मतदाता बिना किसी लालच, हिचक और डर के अपना वोट दें, यह सुनिश्चित करना पुलिस का उत्तरदायित्व है । उन्होंने कहा कि लोकसभा निर्वाचन-2024 निर्बाध रूप से सम्पन्न हो इसके लिए पुलिस विभाग अन्य विभागों के साथ आपसी सामंजस्य के साथ काम करे। साथ ही प्रदेश में संवेदनशील और क्रिटिकल बूथों की पहचान कर वहां शांतिपूर्ण चुनाव सम्पन्न कराने के लिए योजनाद्ध रूप से पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित करें।  

श्री गुप्ता आगामी लोकसभा चुनाव के मद्देनजर राजस्थान पुलिस अकादमी (आरपीए), जयपुर में आयोजित पुलिस प्रशिक्षण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पुलिस की जिम्मेदारी है कि वह संभावित अप्रिय हालातों के लिए पहले से ही तैयार रहे ताकि समय रहते उन्हें रोका जा सके। उन्होंने कहा कि इसके लिए त्वरित आपसी संचार और सूचना तंत्र सुदृढ़ होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि त्वरित और सही दिशा में सूचनाओं के आदान-प्रदान से किसी भी अप्रिय घटना को टाला जा सकता है। उन्होंने कहा कि पहली बार चुनाव के दौरान इस तरह का प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया है। उन्होंने बताया कि आगामी लोकसभा चुनाव के लिए अब तक 40 हजार से ज्यादा पुलिसकर्मियों को विशेषज्ञ प्रशिक्षकों द्वारा प्रशिक्षित किया जा चुका है।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि लोकसभा निर्वाचन 2024 के सफल आयोजन के लिए निर्वाचन विभाग द्वारा पुलिस अधिकारियों के लिए हैंडबुक भी जारी की गई है। इसमें पुलिस कर्मियों की सहायता के लिए चुनाव से संबंधित नियम, विधियां और दिशा-निर्देश शामिल किये गए हैं। उन्होंने सभी पुलिसकर्मियों से इस हैण्डबूक को ध्यानपूर्वक पढ़ने तथा अनुसरण करने के लिए कहा। श्री गुप्ता ने भारत निर्वाचन आयोग द्वारा समय-समय पर जारी किये जाने वाले सर्कुलर, हैंडबुक, प्रोटोकॉल और मैनुअल को भी पढ़ने के लिए कहा। उन्होंने चुनाव के 48 घण्टे पहले के साइलेंस पीरियड पर विशेष सावधानी बरतने तथा तदनुसार व्यवस्थाएं करने के लिए भी अधिकारियों को निर्देशित किया। 

श्री गुप्ता ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि वे प्रतिदिन लॉ ऑर्डर रिपोर्ट बनाकर आयोग के समक्ष प्रस्तुत  करें। उन्होंने कहा कि रेपिड एक्शन टीम धमकाने, घूसखोरी, साम्प्रदायिक संघर्ष और भ्रष्टाचार के मामलों को गंभीरता से लेते हुए इसके खिलाफ त्वरित कार्रवाई किया जाना सुनिश्चित करे। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि सूचना प्रौद्योगिकी के उपयोग से बेहतर मॉनिटरिंग के प्रयास किये जाने चाहिये, ताकि चुनाव प्रक्रिया का शांतिपूर्ण संपादन किया जा सके। 

उन्होंने बताया कि पुलिस कर्मी अपने कर्तव्य के साथ-साथ मतदाता होने के अपने कर्तव्य का भी पालन कर सकें, इसके लिए उन्हें डाक मतपत्र की सुविधा दी गई है। श्री गुप्ता ने सभी अधिकारियों से ईवीएम प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि ईवीएम की सुरक्षा और भंडारण संवेदनशील कार्य है, जिसे पूरी जिम्मेदारी से किया जाए। उन्होंने गत राज्य विधानसभा चुनाव के दौरान सी-विजिल मोबाइल एप्लिकेशन की सफलता की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि आचार संहिता के उल्लंघन के मामले में यह एप काफी कारगर साबित हुआ है। इस एप के माध्यम से शिकायतों का त्वरित निस्तारण संभव हुआ है। 

अतिरिक्त महानिदेशक  पुलिस (प्रशिक्षण) श्रीमती मालिनी अग्रवाल ने कहा कि हमारे देश में चुनाव संपादित करने के लिए बड़ी संख्या में मानव संसाधन को नियोजित करना होता है। उन्होंने कहा कि बेहतरीन संसाधन प्रबंधन से ही निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव संपादित करने में सफलता हासिल की जा सकती है। 

अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (लॉ एण्ड ऑर्डर) श्री विशाल बंसल ने कहा कि पुलिस आदर्श आचार संहिता की पालना किया जाना सुनिश्चित करे। उन्होंने कहा कि चुनौतिपूर्ण और संवेदनशील बूथों पर पुलिस की विशेष व्यवस्था की जाए। 

पुलिस महानिरीक्षक श्री अनिल कुमार टांक ने अधिकारियों को सफल चुनाव प्रक्रिया के लिए प्रत्येक बूथ पर आवश्यकता अनुसार योजनाबद्ध तरीके से पुलिस तैनाती किया जाना सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। 

प्रशिक्षण कार्यक्रम में उप मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्री आलोक जैन सहित पुलिस के आला अधिकारी शामिल थे। कुछ अधिकारियों ने वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से कार्यक्रम में भाग लिया।

—————

Monday, March 27, 2023

अब सुन और बोल पाएगा नन्हा रूद्रप्रताप

Bikaner: 27th March 2023 at 04:10 PM

राजस्थान से सफलता की और नई कहानी

*14 माह के बच्चे का हुआ सफल कॉक्लियर इम्पलांट 

*बीकानेर के पीबीएम अस्पताल में ईएनटी विभाग की उपलब्धि

*लाखों रूपए का उपचार चिरंजीवी योजना के तहत हुआ निःशुल्क

बीकानेर: 27 मार्च 2023:(राजस्थान स्क्रीन डेस्क)::

राजस्थान के इतिहास की सच्ची कहानियां आज भी आकर्षित और प्रभावित करती हैं। इन कहानियों में ज़िंदगी के ऐसे दुःख भी रहे जिनकी कल्पना मात्र से इंसान सिहर उठे। इसके साथ ऐसे संघर्ष भी रहे जिन्होंने इन दुख्खों को बारी बारी हारने का इतिहास भी रचा। यह बेहद गौरवशाली सिलसिला आज के आधुनिक युग में भी जारी है बस थोड़ा अंदाज़ बदल गए हैं और रंग रूप भी। नै कहानी आई है बीकानेर से। यह सच्ची कहानी इस बात की याद भी दिलाती है कि ज़िंदगी हर कदम इक्क नई जंग है। यह जंग छोटी उम्र में भी सामने आ सकती है और वृध्दा अवस्था में भी। साथ ही यह कहानी बताती है की संघर्ष और कोशिश आपको विजय श्री दिला ही देती है। इसलिए न तो कभी कोशिश छोड़िए और न ही संघर्ष। पढ़ कर देखिए इस सच्ची कहानी को। 

सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज से संबद्ध पीबीएम अस्पताल, बीकानेर के ईएनटी विभाग ने 14 माह के रूद्रप्रताप के दोनों कानों में सफल कॉक्लियर इम्प्लांट करते हुए उसे सुनने व बोलने के योग्य बनाया। विभाग के सर्जन डॉ. गौरव गुप्ता ने मुख्यमंत्री चिंरजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत मासूम का ऑपरेशन किया। अस्पताल की प्रधानाचार्य एवं नियंत्रक डॉ. गुंजन सोनी ने बताया कि अस्पताल के ईएनटी विभाग की यह बड़ी उपलब्धि है। 

डॉ. सोनी ने बताया कि इस प्रकार के ऑपरेशन में आम तौर पर लाखों रूपये का खर्च आता है, लेकिन प्रदेश के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की ओर से  चिकित्सा क्षेत्र में मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना लागू किए जाने के बाद गरीब, मध्यमवर्गीय परिवारों को भारी-भरकम खर्च करने की आवश्यकता नहीं रहती क्योंकि ऐसे ऑपरेशन पूर्णतया निःशुल्क किये जा रहे हैं।

जन्मजात बहरेपन से ग्रसित था रूद्र 

नाक, कान, गला विभाग के वरिष्ठ आचार्य एवं विभागाध्यक्ष डॉ. दीपचन्द ने बताया कि गांव खाकोली, जिला सीकर निवासी बालक रूद्रप्रताप जन्म से ही सुनने व बोलने की अक्षमता से ग्रसित था। मरीज के परिजनों ने नाक, कान व गला रोग विभाग में संपर्क किया। विभिन्न जांचें करवाने से पता चला कि इस बच्चे का उपचार कॉक्लियर इम्प्लांट से संभव है। 

मरीज की उम्र का भी महत्व

ई.एन.ओ. सर्जन डॉ. गौरव गुप्ता ने बताया कि कॉक्लियर सर्जरी में मरीज की उम्र का काफी महत्व होता है। मरीज का जितनी कम उम्र में कॉक्लियर इम्प्लांट हो जाए, उसका परिणाम उतना ही अच्छा रहता है। रूद्रप्रताप को 8-9 माह की उम्र में ईएनटी विभाग में उपचार के लिए लाया गया, इसलिए उसका कॉक्लियर इम्प्लांट संभव हो सका। अब इस बच्चे को दो वर्ष की स्पीच थैरेपी भी चिरंजीवी योजना के अंतर्गत निःशुल्क ही जाएगी, जिससे यह बच्चा सामान्य बच्चों की तरह सुन व बोल सकेगा। 

टीम का रहा विशेष सहयोग

ईएनटी विभागाध्यक्ष डॉ. दीपचंद के निर्देशन में हुए इस सफल ऑपरेशन में डॉ. गौरव गुप्ता, डॉ. गीता सोलंकी, डॉ. सुभाष, डाया, डॉ. स्नेहलता, निश्चेतन विभाग के डॉ. विशाल देवड़ा, डॉ. इशानी, डॉ. प्रशांत एवं  नर्सिंग स्टाफ इंचार्ज वीणा व्यास, संतोष, अशोक तथा ओटी कर्मी हनुमान व नरेन्द्र शामिल थे। इसके अतिरिक्त इम्प्लांट की कार्यप्रणाली की जाँच हेतु स्पीच थैरेपिस्ट कौशल शर्मा व सागरिका भी उपस्थित रहे ।

------  करीना शर्मा/चन्द्रशेखर/कविता जोशी


Tuesday, December 27, 2022

इंदिरा रसोई योजना निभा रही है इस वायदे को कि कोई भूखा न सोए

27th December 2022 at 05:46 PM

इस बार चर्चा इंदिरा रसोई योजना की गुणवत्ता और लोकप्रियता पर 


जयपुर
: 27 दिसंबर 2023: (राजस्थान स्क्रीन डेस्क)::

इस पोस्ट की विशेष सामग्री मॉडल स्टेट राजस्थान के उस अभियान पर है जिस के अंतर्गत राजनीति से ऊपर उठ कर जनसेवा ही सबसे पहले रखा गया है। इसी के अंतर्गत ध्यान रखा जाता है कि सबका सम्मान हमारे लिए सबसे महत्वपूर्ण है। यह एक अनूठी तस्वीर है जो बता रही है किस तरह से आगे बढ़ता जा रहा है आज का आधुनिक राजस्थान। इंदिरा रसोई उन लोगों के लिए एक विशेष आकर्षण भी है जिन्होंने राजस्थान में जा कर सच होते देखा है वह संकल्प कि अब कोई भूखा न सोए। धर्मकर्म की इस धरना और भावना को सियासत में भी साकार होते देखना कितना सुखद लगता है। अब महसूस होता है कि आज के इस भयानक कलियुग में भी सतयुग लौट सकता है। 

राज्य में मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत द्वारा शुरू की गई इंदिरा रसोई योजना के तहत ‘कोई भूखा ना सोए’ की संकल्पना को चरितार्थ किया जा रहा है। राज्य में 20 अगस्त, 2020 को प्रदेश के 213 नगरीय निकायों में 358 रसोइयों के माध्यम से इस योजना की शुरुआत की गई। इस वर्ष 18 सितम्बर को जोधपुर से इंदिरा रसोई योजना के तहत 512 नवीन इंदिरा रसोइयों का शुभारम्भ किया गया। वर्तमान में 870 इंदिरा रसोई संचालित की जा रही है जिन्हें बजट घोषणा में बढाकर 1 हजार किया गया है।

इंदिरा रसोई केन्द्रों पर मात्र 8 रूपये में पौष्टिक भोजन उपलब्ध करवाया जा रहा हैं तथा प्रति थाली 17 रूपये का अनुदान राज्य सरकार द्वारा वहन किया जा रहा हैं।  भोजन में प्रति थाली 100 ग्राम दाल 100 ग्राम सब्जी 250 ग्राम चपाती और अचार शामिल है। इस योजना के तहत दोपहर का भोजन सुबह 8ः30 बजे से दोपहर 1ः00 बजे तक एवम रात्रिकालीन भोजन शाम 5ः00 बजे से रात 8ः00 बजे तक उपलब्ध करवाया जाता है। 

इंदिरा रसोई योजना के तहत अब तक 7 करोड़ 42 लाख लोगों को भोजन की थाली परोसी जा चुकी है, वर्तमान में संचालित 870 इंदिरा रसोई की संख्या बढाकर 1000 करने का लक्ष्य रखा गया है। 

जालोर ज़िले में वर्तमान में 15 इंदिरा रसोई संचालित है, जिसमें जालोर नगर परिषद में 7, भीनमाल नगर पालिका  में 4, सांचौर नगर पालिका  में 3 एवं रानीवाडा नगर पालिका में 1 इंदिरा रसोई संचालित की जा रही हैं। इंदिरा रसोई में मात्र 8 रू में उपलब्ध भोजन होने के कारण जरुरतमंदों एवं गरीब तबकों को उचित सहायता मिलती है।

जालोर जिले में 4 नगरीय निकायों में संचालित 15 इंदिरा रसोई में इस वर्ष माह नवम्बर तक कुल 125.75 प्रतिशत उपयोगिता के साथ कुल 11 लाख 74 हजार 744 भोजन थाली लोगों को परोसी गई हैं।  अनुमान लगाएं कि कितने लोगों को भूखा सोने से बचा  लिया। 

----

Thursday, December 22, 2022

इस तरह बन रहा है सचमुच में राजस्थान एक मॉडल स्टेट

22nd December 2022 at 05:28 PM

जयपुर के जय सिंह को मिला है बिलकुल ही नया जीवन

जयपुर: 22 दिसम्बर 2022: (राजस्थान स्क्रीन डेस्क)::

आम जनता के स्वास्थ्य का ध्यान रखने के लिए राजस्थान की सरकार नए रास्ते भी बना रही है और नई परम्पराएं भी स्थापित कर रही है। जिसके पास इलाज के लिए न धन होता ही और न ही मेडिसिन उसे ही पता होता जीना कितना मुश्किल है! बीमारी से लड़ना कितना कठिन है। मौत के मुंह से वापिस आना क्या होता है। 

इस बार की विशेष सामग्री उन कदमों के विवरण पर आधारित है जो राजस्थान को एक  मॉडल स्टेट बनाने के लिए उठाए जा रहे हैं। इन कदमों का गहरा मकसद जनसेवा ही है। देश में एक ऐसी मिसाल पैदा करना कि ऐसा भी हो सकता है। इस सेवा, सहयोग और सहायता के साथ ही इस बात का भी ध्यान रखना कि  सबका सम्मान भी बनाए रखना है, स्नेह संबंध भी विकसित करने हैं और यह भी सभी को दिखाना है कितनी तेज़ी से आगे बढ़ता जा रहा है राजस्थान। मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना इन्हीं कदमों में से एक है। इसका फायदा कितने लोगों को पहुँच रहा है इसकानुमान आप स्वयं लगा लीजिए। 

खानपुरा में बास गांव के जय सिंह को मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना ने नया जीवन दिया है। गौरतलब है कि 60 वर्षीय जय सिंह सड़क दुर्घटना के शिकार हो गए थे। जिससे उनके दाएं पैर में गंभीर फ्रैक्चर हो गया। परिजन उन्हें जयपुर के ही एक निजी अस्पताल में लेकर आए। अस्पताल में प्राथमिक उपचार एवं जांच के आधार पर उनके पैर में टीवीयल हड्डी का फ्रैक्चर पाया गया।

इलाज का खर्च लाखों में था और जय सिंह के परिवार की माली हालत ज्यादा अच्छी नहीं थी। इस मुश्किल वक्त में सहारा बनी मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना। योजना के तहत चिकित्सकों ने पीड़ित जय सिंह को अस्पताल में भर्ती कर उपचार प्रारंभ किया। गत 14 नवम्बर को उनका ऑपरेशन किया गया। डॉ. रहीम और उनकी टीम द्वारा किए गए ऑपरेशन के बाद जयसिंह को दर्द से निजात मिल गई। अब उनके पैर में काफी सुधार है। मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना की वजह से उन्हें इलाज करवाने में काफी आसानी हुई एवं एक भी रुपया खर्च नहीं हुआ। वे और उनका परिवार मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना और अस्पताल प्रशासन को हार्दिक धन्यवाद देते हैं, जिनकी वजह से उन्हें निशुल्क उपचार मिला और बीमारी से निजात मिल सकी।

मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना बनी मन्नू का भी संबल

मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना आम जनता के जीवन में कैसे खुशहाली ला रही है, इसकी सबसे बड़ी मिसाल है सिरोही निवासी 13 वर्षीय मन्नू गुर्जर। मन्नू काफी दिनों से पेट दर्द से पीड़ित थी, दर्द धीरे-धीरे बढ़ता गया। बच्ची दर्द से बहुत परेशान थी और इस कारण उसे बुखार भी आ रहा था। घर की आर्थिक स्थिति इलाज की इजाजत नहीं दे रही थी। लेकिन जयपुर में जिला प्रशासन की सहायता से मन्नू को जयपुर के ही एक निजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया।

उपचार के बाद मन्नू के स्वास्थ्य में सुधार हुआ। मन्नू के पिता मुरलीधर ने बताया कि इस योजना की वजह से उन्हें इलाज करवाने में काफी आसानी हुई एवं एक भी रुपया खर्च नहीं हुआ। वे कहते हैं किसी की पीड़ा में सहारा बनने से बड़ा कोई धर्म नहीं होता। मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत मानवता के इसी धर्म को राज्य सरकार बखूबी निभा रही है।  ----

Wednesday, November 23, 2022

राजस्थान में मौसम की मेहरबानी-खिंचे चले आ रहे हैं सैलानी

 23rd November 2022 at 04:32 PM

कोरोना के बाद फिर से लौट रही हैं पुरानी रौनकें 

जयपुर: 23 नवंबर 2023:  (राजस्थान स्क्रीन डेस्क)::

जैसे पतझड़ के बाद बहार भी आती है उसी तरह उदासियों के बाद खुशियां भी लौट आती हैं। पढ़िए इस विशेष लेख में इसी तरह की हकीकतें। एक झलक  कि इस प्रदेश में किस तरह साथ-साथ बढ रहे हैं सर्दी और सैलानी।  माहौल पर पर्यटन का जादू शिखर पर है।


सर्दी के साथ ही बढ़ पर्यटन का जादू 

सर्दी के साथ साथ बढ़ता जा रहा है पर्यटन का जादू। सैलानी खींचे चले आ रहे हैं इस प्रदेश की तरफ। प्रदेश में जैसे-जैसे सर्दी का मौसम आगे बढ़ रहा है राजधानी जयपुर में सैलानियों की चहलकदमी भी बढ़ती जा रही है। कोरोना महामारी के कारण प्रदेश ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों की आवक रूक गई थी लेकिन अब हालात सामान्य हो चुके हैं और एक बार फिर गुलाबी नगरी पर्यटकों की भीड़ के रंग में रंगी नजर आने लगी है। राजधानी जयपुर के प्रमुख पर्यटन स्थलों जिनमें आमेर दुर्ग, जलमहल, अल्बर्ट हॉल,जंतर-मंतर पर सैलानियों की अच्छी खासी भीड देखने को मिल रही है। राजधानी जयपुर में देश ही नहीं बल्कि विदेशी पर्यटक भी आना शुरू हो गए हैं।

लौट रही हैं कोरोना से पहले वाली रौनकें 

कोरोना महमारी के दौर में राजधानी जयपुर समेत पूरे प्रदेश में ही पर्यटन स्थलों पर प्रवेश बन्द कर दिए गए थे। पर्यटन स्थलों के बन्द होने से ना सिर्फ यहां सन्नाटा पसर गया बल्कि इनके आस पास के व्यापारियों का भी नुकसान हुआ लेकिन अब पर्यटन स्थलों की रौनक धीरे-धीरे लौटने लगी है। जिससे शहर की खूबसूरती में चार चांद लग गए हैं ।

धीरे-धीरे पटरी पर लौट रहा पर्यटन  

साल 2022 आते आते प्रदेश का पर्यटन फिर पटरी पर लौट आया है। साल 2020 में प्रदेश में 155.63 लाख पर्यटकों का आगमन हुआ जिनमें से 151.17 लाख देशी पर्यटक थे तो वहीं 4.46 लाख विदेशी पर्यटकों का आगमन हुआ। लेकिन अब धीरे-धीरे इस संख्या में इजाफा हो रहा है वर्ष 2021 में कुल 220.24 लाख पर्यटकों ने प्रदेश के पर्यटन स्थलों का भ्रमण किया जिनमें से देशी पर्यटकों की संख्या 219.89 लाख थी तो वहीं 0.35 लाख  विदेशी पर्यटक घूमने आए। हाल के आंकडों को देखें तो साल 2022 में सितम्बर माह तक कुल 757.26 लाख पर्यटक प्रदेश का भ्रमण कर चुके हैं जिनमें देशी पर्यटकों की संख्या 755.62 लाख है तो वहीं विदेशी पर्यटक 1.64 लाख हैं।  पर्यटकों की बढती संख्या से ना सिर्फ पर्यटन स्थलों की खूबसूरती लौट रही है बल्कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी गति मिल रही है।

राजस्थान को करीब से देखने का सपना पूरा हुआ

उड़ीसा से राजस्थान घूमने आईं दिव्या साहू का कहना है कि उनका बचपन से ही राजस्थान घूमने का सपना था क्योंकि राजस्थान की छवि उनके  मन में किलों और महलों वाले प्रदेश की थी,उन्होंने बताया कि राजस्थान देखकर उन्हें बहुत अच्छा लग रहा है। चित्तौड़गढ दुर्ग देखने के बाद वे आमेर दुर्ग देखने जयपुर आई हैं। दिव्या कहती हैं कि जयपुर वास्तव में बहुत सुन्दर शहर है वे यहाँ से बहुत सारी यादें लेकर जा रहीं हैं।

प्रदेश की धरोहर को देखकर हर्ष का अनुभव होता है

ऐसा ही कुछ कहना है आमेर जयपुर के रहने वाले वीरेन्द्र का। वीरेन्द्र बताते हैं कि हमें गर्व होता है कि हम दुनिया में मशहूर जयपुर शहर के निवासी हैं। जब से जयपुर परकोटे को यूनेस्को विश्व हैरिटेज में शामिल किया गया है तब से उनमें जयपुर शहर के बाहर के दोस्त जयपुर घूमना चाहते थे आज वे अपने इन दोस्तों के साथ जयपुर घूमने आए हैं। वीरेन्द्र ने कहा कि गुलाबी नगर को इस तरह से संरक्षित किया गया है कि पर्यटन स्थलों को घूमकर ना सिर्फ प्रदेश के बाहर के लोगों को बल्कि यहां के निवासियों को भी प्रदेश की धरोहर को देखकर हर्ष का अनुभव होता है। ----

Monday, August 1, 2022

‘जनता का बजट, जन-जन तक’ कार्यशाला का आयोजन

  01-अगस्त-2022, 05:06 PM

जयपुर के बिड़ला ऑडिटोरियम में सजा जनकल्याणकारी सूचनाओं का संसार

 बजट की योजनाओं के क्रियान्वयन पर हुई विशेष चर्चा 


अधिका
रियों ने सामाजिक संगठनों व सिविल सोसायटी के प्रतिनिधियों के साथ चर्चा की 

जयपुर: 1 अगस्त 2022: (राजस्थान स्क्रीन ब्यूरो)::

बजट का फायदा तभी है अगर वह आम जनता के ज़्यादा से ज़्यादा काम आ सके। बजट बनाते वक्त इस क्षेत्र के विशेषज्ञ इस बात का ध्यान भी रखते हैं लेकिन फिर भी कोई न कोई कमी पेशी अगर रह जाए तो उसे विशेष चर्चाओं से दूर किया जाता है। इसी तरह की एक ख़ास चर्चा जयपुर मुर में भी हुई। 

इस खास चर्चा में जनकल्याणकारी बजट 2021-22 व 2022-23 की योजनाओं को आमजन तक पहुंचाने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने एक अभिनव पहल की गई है। वित्तीय विभाग की ओर से सोमवार को बिड़ला ऑडिटोरियम में ‘जनता का बजट, जन-जन तक’ कार्यशाला का आयोजन किया, जिसमें विभिन्न विभाग के अधिकारियों ने सामाजिक संगठनों व सिविल सोसायटी के प्रतिनिधियों से बजट घोषणाओं के क्रियान्वयन पर फेस टू फेस चर्चा की।

कार्यशाला में आयोजित सत्रों में विभिन्न विभाग के अधिकारियों ने सामाजिक संगठनों व सिविल सोसायटी के प्रतिनिधियों को बजट घोषणाओं के बारें में विस्तृत रूप से चर्चा की। राज्य के 352 ब्लॉक से आए प्रतिनिधियों ने अधिकारियों को महत्वपूर्ण घोषणाओं पर सुझाव दिए। वहीं, अधिकारियों ने बजट घोषआओं के क्रियान्वयन में हुई प्रगति की जानकारी दी। विभिन्न प्रस्तुतीकरणों के माध्यम से आमजन के कल्याण के लिए किए निर्णयों के बारें में उन्हें अवगत करवाया गया। साथ ही, प्रतिनिधियों से कई मुद्दों पर चर्चा कर उनकी जिझासाओं का समाधान किया।

इस यादगारी कार्यशाला में महात्मा गांधी नरेगा योजना, मुख्यमंत्री युवा संबल योजना, महात्मा गांधी अंग्रेजी मिडियम विद्यालय, कृषि बजट, मुख्यमंत्री निःशुल्क दवा योजना, मुख्यमंत्री निःशुल्क जांच योजना, राइट टु हेल्थ बिल, मुख्यमंत्री अनुप्रति कोचिंग योजना, मुख्यमंत्री किसान पेंशन योजना, पालनहार योजना, इंदिरा रसोई योजनाओं इत्यादि पर सामाजिक संगठनों व सिविल सोसायटी के प्रतिनिधियों से चर्चा की गई।

रोज़गार (ग्रामीण विकास, स्वायत्त शासन विभाग), युवा एवं खेल विकास (युवा एवं खेल विकास विभाग), शैक्षिक स्तर एवं गुणवत्ता (शिक्षा एव उच्च शिक्षा विभाग), कृषि विकास एवं कृषक कल्याण (कृषि, सहकारिता, पशुपालन एवं ऊर्जा विभाग) निरोगी एवं चिरंजीवी राजस्थान (स्वास्थ्य विभाग), सामाजिक सुरक्षा एवं सशक्तिकरण (सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता एवं पर्यटन विभाग) एवं जनजाति कल्याण (जनजाति क्षेत्रीय विकास, वन एवं राजस्व विभाग) जैसे विषयों पर संबंधित विभागों द्वारा सत्र आयोजित किए गए, जिनमें उत्साह के साथ प्रतिनिधियों व आमजन ने भाग लिया।

साथ ही, श्रम कल्याण एवं प्रवासी श्रमिक उत्थान (श्रम, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग), राजस्थान सुशासन की ओर (प्रशासनिक सुधार एवं समन्वय, कार्मिक एवं वित्त (व्यय) विभाग), जरूरतमंद को अन्न एवं भोजन (खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति, स्वायत्त शासन विभाग) एवं महिला निधि एवं सशक्तिकरण (महिला एवं बाल विकास, उच्च शिक्षा, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग) के सत्र भी आयोजित किए गये है।

Friday, June 10, 2022

राजीविका की महिलाएं दिखा रही हैं नए नए कमाल

10th June 2022 at 08:30 PM

  ‘‘वीडियो सखी’’ बनकर सीखेंगी वीडियो प्रॉडक्शन एडिटिंग 


जयपुर: 10 जून 2022: (राजस्थान स्क्रीन ब्यूरो)::

राज्य मिशन निदेशक, राजीविका श्रीमती मंजू राजपाल ने बताया कि राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन द्वारा नौ जिलों में स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को ‘‘वीडियो सखी’’ रिसोर्स पर्सन के रूप में चिन्हित कर वीडियो प्रॉडक्शन का प्र​शिक्षण दिया जाएगा। उनके द्वारा बनाए गए वीडियो की सहायता से राजीविका की ‘’प्रचार सखियों’’ द्वारा राजीविका सम्बन्धी एवं अन्य संदेशों का गांव-गांव में प्रचार किया जाएगा। 

इस सम्बन्ध में राजीविका की मिशन निदेशक श्रीमती राजपाल द्वारा डिजिटल ग्रीन के साथ शुक्रवार को एक एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। श्रीमती राजपाल ने बताया कि प्रदेष में नेशनल रूरल इकॉनोमिक ट्रांसफॉर्मेशन प्रोजेक्ट से सम्बद्ध नौ जिलों के नौ ब्लॉक के लिए एनजीओ के साथ एमओयू किया गया है जो जून 2024 तक निःशुल्क रूप से कैपिसिटी बिल्डिंग का काम करते हुए स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को गुणवत्ता वाले वीडियो प्रॉडक्षन का प्रशिक्षण देगा।

श्रीमती राजपाल ने बताया कि स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को वीडियो सखी के रूप में रिसोर्स पर्सन या मास्टर टे्रनर बनाने का फायदा यह है कि इसके जरिए सखी अपने परिवेश में खुद सीखकर वांछित सूचना का वीडियो बना सकेगी। जहां एक टीम ‘‘वीडियो सखी’’ के रूप में प्रॉडक्षन से जुड़ी होगी, वहीं दूसरी टीम ‘‘प्रचार सखी’’ के रूप में इस सूचना को जन-जन तक पहंुचाने का काम करेगी। इस प्रकार कम्यूनिटी को जानकारी देने के लिए कम्यूनिटी का ही इस्तेमाल करते हुए कल्याणकारी संदेषों को उन तक पहंुचाने का यह तरीका बेहद प्रभावी एवं कारगर है। इससे संदेशों की प्रमाणिकता एवं उनका समयबद्ध प्रसरण भी संभव होगा। 

 डिजिटल ग्रीन की पार्टनरशिप हैड सुश्री समिथा हलदर ने बताया कि डिजिटल ग्रीन एक अन्तरराष्ट्रीय एनजीओ है जो कई राज्यों में कार्यरत है। कम्यूनिटी बेस वीडियो अप्रोच इस संगठन का एक फ्लैगशिप कार्यक्रम है। अन्य कई राज्यों में इसका अच्छा परिणाम मिला है और राजस्थान में राजीविका के साथ जुड़ना इसी कड़ी में एक महत्वपूर्ण कदम है।

Wednesday, March 9, 2022

इन्दिरा रसोई योजना अर्थात पौष्टिकता से भरपूर सस्ता भोजन

 एक विशेष लेख जिसमें है इस शानदार योजना की पूरी जानकारी 

 4 करोड़ 46 लाख लोगों को भोजन उपलब्ध कराती है यह योजना 


जयपुर
: 7 मार्च 2022: (राजस्थान स्क्रीन ब्यूरो)::

प्रदेश व देश में ही नहीं बल्कि पूरे विश्व में जब कोरोना वायरस की प्रथम लहर ने वर्ष 2020 के शुरूआत से ही पूरे मानव जीवन को झकझोर के रख दिया था और इस भयावह बीमारी से पूरे प्रदेश व देश में असंख्य व्यक्तियों को अपने जीवन से हाथ धोना पड़ा जिसमें सभी आयु वर्ग के लोग थे। राजस्थान में इस भयावह बीमारी की रोकथाम के लिए जब लॉकडाउन घोषित किया अनेक लोगों का रोजगार भी छीन गया था, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को दो वक्त के भोजन के लिए भी संघर्ष करना पड़ा और जीवनयापन करना दूभर हो गया था।

ऐसी विषम परिस्थितियों में राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत ने राज्य की जनता के प्रति सरकार आपके के साथ की भावना से ओतप्रोत अपनी वचनबद्धता का परिचय देते हुये राज्य के 213 शहरी क्षेत्रों में 358 रसोई के माध्यम से 20 अगस्त, 2020 से ’’कोई भूखा न सोए’’ के लक्ष्य से देश की महान नेता एवं पूर्व प्रधानमंत्री स्व. श्रीमती इन्दिरा गांधी जिन्होंने अपना पूरा जीवनकाल निराश्रितों की सहायता एवं सेवाभाव में लगा दिया था उन्हीं के नाम पर इंदिरा रसोई योजना का शुभारम्भ किया। इंदिरा रसोई की शुरूआत से राजस्थान की एक विकसित तस्वीर उमडकर सामने आई है।

 इंदिरा रसोई योजना में क्या खास हैं?

इंदिरा रसोई के तहत शहर के विभिन्न हिस्सों में गरीब एवं निराश्रित, कामगार, प्रवासी मजदूरों, शहरी गरीबों, जरूरतमंदों आदि को मात्र 8 रुपये में भोजन की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए दोपहर का भोजन प्रातः 8ः30 बजे से मध्यान्ह 1ः00 बजे तक एवं रात्रिकालीन भोजन सायंकाल 5ः00 बजे से 8ः00 बजे तक उपलब्ध कराये जाने का सुनिर्णय लिया। 

योजना की खास बात यह है कि इसमें सम्मान पूवर्क बैठाकर शुद्ध भोजन खिलाया जाता है

भोजन मेन्यू में मुख्य रूप से प्रति थाली 100 ग्राम दाल, 100 ग्राम सब्जी, 250 ग्राम चपाती एवं आचार सम्मिलित है जो कि सामान्य रूप से एक व्यक्ति के भोजन की शारीरिक आवश्यकता की पूर्ति हेतु निर्धारित मापदंडों के अनुरूप भोजन की आपूर्ति की जाती है। योजना की स्वर्णिम सफलता इसी से प्रतीत होती है कि भोजन वाहनों का समयानुसार इंतजार एवं वाहनों के समक्ष लोगों की लम्बी कतार लोगों की जठराग्नि को संतुष्टि पूर्ण तृप्त करने की गवाही स्वयं ही देती है। इसमें कोई अतिश्योक्ति नहीं होगी कि यह योजना अपने निर्धारित उद्देेश्यों को सुव्यवस्थित एवं गतिशीलता के साथ प्राप्त करने को अग्रसर सफलतम योजना के रूप में स्थापित हो रही है। राज्य सरकार द्वारा लॉकडाउन की अवधि में योजना के तहत 65 लाख 4 हजार से भी ज्यादा जरूरत मंदों को निःशुल्क भोजन उपलब्ध करवाया गया। इसी का परिणाम है मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत ने अपने वर्ष 2022-23 के बजट में इंदिरा रसोई की संख्या प्रदेश में बढ़ाकर एक हजार करने की घोषणा की है। 

पारदर्शिता के साथ की जा रही है मॉनिटर्रिंग

इंदिरा रसोई में पारदर्शिता के सिद्धांत का सुनिश्चितता बेहतर उपयोग किया गया हैं, इंदिरा रसोई का प्रत्येक वाहन जीपीएस सिस्टम से जुड़ा है, और जैसे ही कोई लाभार्थी रसोई काउंटर पर आता है, स्वचालित रूप से उसका फोटा खिंच जाता है, और तत्काल प्रभाव से उसके दिए गए मोबाइल नंबर पर एक संदेश भेजा जाता है, जिसमें इंदिरा रसोई में आने और भोजन स्वीकार करने के लिए लाभार्थी को धन्यवाद दिया जाता है। इस प्रक्रिया से पारदर्शिता बनी रहती है। लाभार्थियों की सही संख्या ज्ञात हो जाती है वहीं दूसरी ओर योजना में किसी भी प्रकार के भ्रष्टाचार या कदाचार से बचा जा सकता है, जिससे योजना के व्यवस्थित और निर्बाध निष्पादन की सुनिश्चितता संभव होती है। 

योजना के सफल संचालन से मिला रोजगार

मुख्यमंत्री द्वारा शुरू की गयी यह योजना 100 करोड़ रुपये के प्रावधान एवं चयनित एन.जी.ओ. के सुदृढ़ नेटवर्क एवं सामंजस्य की मिसाल एवं मुख्यमंत्री के जनता के प्रति स्नेह एवं प्रतिबद्धतापूर्ण शासकीय एवं प्रबंधकीय निर्णयों की सकारात्मकता एवं सार्थक क्षमता को परिभाषित करती है। इंदिरा रसोई योजना द्वारा गरीब एवं निराश्रित, कामगार, प्रवासी मजदूरों, शहरी गरीबों, जरूरतमंदों आदि को भोजन कराने के उद्देश्यों के साथ-साथ रोजगार सृजन के रूप में भी यह मील का पत्थर साबित हुयी है। इस योजना से असंख्य रसोइयों, वाहन चालक एवं वितरण हेतु व्यक्तियों को रोजगार की उपलब्धता के साथ जीवन स्तर में स्वीकारात्मक सुधारों की प्राप्ति हुयी है। 

योजना का लक्ष्य 4.87 करोड़ लोगों को लाभान्वित करना

योजना के अन्तर्गत प्रतिदिन 1.34 लाख व्यक्ति एवं प्रतिवर्ष 4.87 करोड़ लोगों को लाभान्वित करने का लक्ष्य रखा गया है तथा आवश्यकता के अनुरूप इसे और बढ़ाया जा सकता है। इसी तरह प्रत्येक रसोई संचालन हेतु एकमुश्त 5 लाख रुपये आधारभूत एवं 3 लाख रुपये प्रतिवर्ष आवर्ती व्यय का प्रावधान किया गया है। 

फीडबैक से की जा रही है सधन मॉनीटरिंग

मुख्यमंत्री के संकल्प ’’कोई भी भूखा नहीं सोए’’ को साकार करने के लिए संयुक्त रूप से नगरीय विकास एवं आवासन, स्वायत्त शासन विभाग ने जिम्मेदरी ली है। नगरीय विकास एवं आवासन, स्वायत्त शासन मंत्री श्री शांति धारीवाल के निर्देश पर स्वायत्त शासन विभाग ने योजना को अविलम्ब पूरे राज्य में लागू किया और नगरीय निकाय रसोइयों की प्रतिदिन संचालन की नियमित मॉनिटरिंग एवं समीक्षा कर रहे है।

लगभग 4.46 करोड़ लाभान्वित

इसी तरह प्रदेश के समस्त 10 नगर निगम क्षेत्रों में 87 रसोईघर संचालित हैं तथा नगरपरिषद क्षेत्रों में 102 एवं 169 नगर पालिका क्षेत्रों में 169 रसोई घर संचालित किये जा रहे हैं। योजना के अन्तर्गत नगर निगम क्षेत्र रसोइघरों में 300 थाली दोपहर को एवं 300 थाली रात्रि भोजन में जरूरतमंदों को उपलब्ध कराई जा रही है। इसी तरह नगर परिषद क्षेत्रों में भी दोपहर को 150 एवं रात्रि भोजन में भी 150 थाली तथा नगर पालिका क्षेत्र की रसोइयों में भी 150 थाली दोपहर को एवं 150 ही थाली रात्रि भोजन में उपलब्ध कराई जाती है। राज्य सरकार के अथक प्रयासों से योजना के तहत लगभग 4 करोड़ 46 लाख लोगों को भोजन उपलब्ध करा लाभान्वित किया जा चुका है।

हम गरीबों की दुआ से ही गहलोत साहब हुए स्वस्थ

हम गरीबों का इन विषम परिस्थितियों में ध्यान रखकर हमें वक्त पर भोजन दिया। उन्होंने हमारा ध्यान रखा भगवान  ने उनका ध्यान रखा, भोजन प्राप्त करने वाले फूलचन्द एवं डाली देवी का कहना है गहलोत साब ने हम गरीबों का ध्यान रखा उसी वजह से आज दो बार कोरोना संक्रमित होने तथा हृदय रोग से ग्रस्त होने के बाद भी हमारी दुआ से गहलोत साब स्वस्थ है। भगवान ने उन्हें लम्बी उम्र प्रदान करें। 

-के.एल. मीना

उपनिदेशक (समाचार)

 

Saturday, December 11, 2021

इलेक्टि्रक वाहनाें को बढावा देने के लिए रोड शो आयोजित

 जयपुर डिस्कॉम एमडी ने फ्लेग दिखाकर काफिले को रवाना किया 


जयपुर
: 11 दिसम्बर 2021: (राजस्थान स्क्रीन ब्यूरो)::

प्रदेश में इलेक्टि्रक वाहनाें के उपयोग को बढावा देने के लिए जयपुर डिस्कॉम द्वारा शनिवार को एक रोड शो का आयोजन किया गया। इलेक्टि्रक वाहनाें को जयपुर डिस्कॉम के एमडी श्री नवीन अरोड़ा ने प्रातः 11 बजे जवाहर सर्किल से फ्लैग दिखाकर रवाना किया। जवाहर सर्किल, जेएलएन मार्ग, जेडीए सर्किल, हाईकोर्ट सर्किल होते हुए विद्युत भवन पर रोड शो का समापन हुआ। 

जयपुर डिस्कॉम के प्रबन्ध निदेशक श्री नवीन अरोड़ा ने बताया कि शनिवार को  आयोजित रोड शो में करीब 30 दुपहिया व चौपहिया इलेक्टि्रक वाहन शामिल हुए। जवाहर सर्किल पर आयोजित समारोह में श्री अरोड़ा ने कहा कि पैट्रोल व डीजल के वाहनों से बढते हुए कार्बन उत्सर्जन को कम करने हेतु ग्रीन ट्रांसपोर्ट को अपनाएं। इसके साथ ही इलेक्टि्रक वाहनों को प्रोत्साहित करने हेतु राज्य सरकार द्वारा भी सोलर पालिसी एवं विण्ड व हाईब्रिड पालिसी -2019 में कई दूसरे प्रावधान दिए है। राजस्थान विद्युत विनियामक आयोग द्वारा भी इलेक्टि्रक वाहनों के प्रोत्साहन हेतु अलग श्रेणी निर्धारित की गई है, जिसमें कम दर पर चार्जिग का प्रावधान किया गया है। 

उन्होंन कहा कि इस आयोजन से आमजन में ऊर्जा संरक्षण के प्रति जागरूकता बढेगी एवं प्रदेश में इलेक्टि्रक वाहनाें के उपयोग को बढावा भी मिलेगा एवं इलेक्टि्रक वाहनों के उपयोग को बढावा मिलने से कार्बन उत्सर्जन में भी कमी आएगी। इलेक्टि्रक वाहनों को चार्ज करने वाले इन्फ्रास्ट्रक्चर की राज्य में नोडल एजेन्सी जयपुर डिस्कॉम द्वारा इस रोड शो का आयोजन किया गया है। 

उल्लेखनीय है कि ब्यूरोे ऑफ एनर्जी एफिसिएन्सी, भारत सरकार द्वारा 8 दिसम्बर से 14 दिसम्बर, 2021 तक ऊर्जा संरक्षण जागरुकता सप्ताह मनाया जा रहा है। 

Friday, October 29, 2021

पालनहार योजना ने दिया अनाथ बच्चों को संबल

 सफलता की कहानी//प्रशासन गांवों के संग अभियान


जयपुर:29 अक्टूबर 2021: (राजस्थान स्क्रीन ब्यूरो)::

बारां जिले की ग्राम पंचायत फतेहपुर में प्रशासन गांंवो के संघ अभियान के तहत आयोजित शिविर में अनाथ बालिका निधि के लिए पालनहार योजना की स्वीकृति प्रदान की गई। अब उसके संरक्षक महावीर प्रसाद को प्रतिमाह एक हजार रूपए की राशि मिलेगी, जिससे उन्हें निधि की पढाई-लिखाई आदि के खर्च वहन करने में संबल मिलेगा। उपखंड अधिकारी दिव्यांशु शर्मा ने शिविर में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की ओर से संरक्षक महावीर प्रसाद को पालनहार योजना का प्रमाण पत्र प्रदान किया। महावीर प्रसाद राज्य सरकार को धन्यवाद देते हुए कहते है कि गरीब अनाथ बच्चों के लिए सरकार की यह योजना जीवन दायिनी है।

दो बच्चों को मिला पालनहार का सहारा

शाहबाद के खुशियारा क्षेत्र के दो बच्चों के सिर से 9 वर्ष पूर्व पिता का साया अनायास उठ जाने से उनके पालन पोषण का जिम्मा मां पर आ गया था। प्रशासन गांवों के संग अभियान के तहत खुशियारा में आयोजित शिविर में  मां रामकनी के आवेदन पर दोनों बच्चों के लिए पालनहार योजना का लाभ स्वीेृत किया गया। आर्थिक मुश्किलों में गुजर-बसर कर रही रामकनी को अब हर माह दो हजार रूपए मिलेंंगे  सरकार की सहायता से वह अब दोनों बच्चों का बेहतर तरीके से पालन पोषण कर सकेगी। 

रब रूठा तो सरकार ने संभाला

फतेहपुर गांव की 12 वर्षीय दीपिका से जैसे रब ही रूठ गया था जब उसके पिता की पिछले वर्ष दुर्घटना में मृत्यु हो गई। पिता की मृत्यु के  बाद उसकी मां ने भी उसे छोड़कर दूसरा ब्याह रचा लिया था। इस विपदा के बाद वह अपनी बुजुर्ग दादी चमेली बाई के साथ जीवन यापन कर रही थी। अभियान के तहत फतेहपुर में आयोजित शिविर में दीपिका के पालन पोषण के लिए चमेली बाई को पालनहार योजना की स्वीकृति प्रदान की गई। चमेली बाई कहती हैं कि सरकार की मदद के कारण वह अपनी पोती को बेहतर शिक्षा दिलवा सकेगी। 

रामसुखी अब होगी ‘सुखी’

दो वर्ष पूर्व पति के गुजर जाने से शाहबाद क्षेत्र की संदोकड़ा की रामसुखी पर जैसे दुखों का पहाड़ सा टूट पड़ा था। चार बच्चों के पालन पोषण की पूरी जिम्मेदारी उस पर आ गई थी। प्रशासन गांवों के संग अभियान के तहत संदोकड़ा ग्राम पंचायत में आयोजित शिविर में उसके तीन बच्चों के लिए पालनहार योजना स्वीकृत हुई तो उसे विश्वास हुआ कि अब उसकी मुश्किलें कम हो सकेंगी। अब तक वह केवल जैसे-तैसे बच्चों का भरण पोषण कर पा रही थी। रामसुखी कहती हैं कि राज्य सरकार मुसीबत के समय में  अच्छी मददगार बनी है। वह हमेशा इसके लिए आभारी रहेंगी।