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Saturday, November 29, 2025

अलवर की राजीविका बहनों से की मुलाक़ात

Rajasthan Jaipur//Alwar News on 29th November 2025 Regarding Women Empowerment

 केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री ने बताये सफलता के विशेष गुर 

उत्पादों के बाज़ारीकरण हेतु तीन स्तरीय रणनीति बनाने के निर्देश


जयपुर
//अलवर: 29 नवंबर 2025: (मीडिया लिंक रविंदर / /राजस्थान स्क्रीन डेस्क) ::

महिलाओं के बिना संसार भी नहीं चल सकता और घर परिवार भी। इसलिए महिलाएं घर बार और संसार को सफलता से चलाने के लिए स्वयं बढ़चढ़ कर आगे आ रही हैं। इस दिशा में समाज और सरकार दोनों ही महिलाओं के साथ आएं तो बात बहुत तेज़ी से बन जाएगी। सरकार महिलाओं को बता रही है कि किस तरह से महुला सशक्तिकरण हीसमाज को मज़बूत बना सकता है। 

इसी भावना और मकसद से केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री श्री भूपेन्द्र यादव से उनके नई दिल्ली स्थित आवास पर शनिवार को अलवर की राजीविका बहनों ने मुलाक़ात की। यह भेंट केंद्रीय मंत्री के विशेष निमंत्रण पर आयोजित की गई, जिसमें उन्होंने राजीविका बहनों के उत्पादों को देशभर में पहचान दिलाने और बेहतर बाज़ार उपलब्ध करवाने हेतु हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया। यह सहयोग तेज़ी से उपलब्ध भी होने लगा है। 

इस भेंट में केंद्रीय मंत्री ने राजीविका बहनों के कार्यों की सराहना करते हुए राजीविका उत्पादों की स्पष्ट पहचान, उत्पादों के मूल्यवर्धन हेतु प्रशिक्षण की सुव्यवस्थित व्यवस्था, तैयार उत्पादों के लिए बेहतर बाज़ार एवं विपणन अवसर उपलब्ध करवाने हेतु तीन स्तरीय कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए। इस कार्ययोजना के बहुत अच्छे परिणाम भी जल्द सामने आएंगे   

इसी दिशा में प्रशिक्षण और विपणन सहायता को प्रभावी बनाने के लिए उन्होंने वी-शक्ति ट्रस्ट को भी विशेष दिशा-निर्देश प्रदान किए। साथ ही यह आश्वासन दिया कि विभिन्न विभागों को निर्देशित किया जाएगा कि वे राजीविका बहनों को उत्पाद विक्रय हेतु उपयुक्त स्थान उपलब्ध करवाएं। इस कदम से जल्द ही महिमा सशक्तिकरण में एक क्रांति आ जाएगी। 

इस सुअवसर पर राजीविका बहनों ने केंद्रीय मंत्री श्री यादव को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए बताया कि अलवर सांसद खेल उत्सव तथा राजीविका–वी शक्ति मेले में भोजन उपलब्ध करवाने के अवसर से उन्हें लगभग 15 लाख रुपये का ऑर्डर प्राप्त हुआ तथा मेले में भी उनके उत्पादों की लाखों रुपये की बिक्री हुई। इससे समूहों को आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में बड़ी प्रगति मिली। इस सफलता का ेटासिक असर पूरे समाज पर पड़ेगा। 

अपनी इस मुलाक़ात के दौरान राजीविका बहनों ने श्री यादव को अपने हस्तनिर्मित “बाजरे के लड्डू” और “राजीविका बहनों की पाती” भेंट स्वरूप प्रस्तुत की, जिसे मंत्री जी ने उत्साहपूर्वक स्वीकार किया। गौरतलब है कि बाजरे के इन लडडुओं को स्वाद और सम्मान के क्षेत्र में बहुत महत्व हासिल है। 

यह मुलाक़ात राजीविका बहनों के लिए नई संभावनाओं और सशक्तिकरण के नए आयाम खोलने वाली साबित हुई। अच्छा हो अगर यह योजनाएं देश के कोने कोने में पहुंच जाएं। कोई भी महिला ,  कोई भी घर आर्थिकक तौर पर कमज़ोर न रहे। हर घर में खुशहाली हो और मां लक्ष्मी की कृपा रहे। 

——नेमीचंद / आशुतोष——   

Wednesday, October 1, 2025

ग्रामीण विकास मंत्री ने किया सुमंगल दीपावली मेला– 2025 का शुभारंभ

 RJPRD//1st October 2025//राजीविका

मेला स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं के हुनर और आत्मनिर्भरता का प्रतीक

*महिला सशक्तीकरण का एक सशक्त मंच यह मेला-डॉ. किरोडी लाल 

*1 से 12 अक्टूबर तक इंदिरा गांधी पंचायती राज ग्रामीण विकास संस्थान परिसर में हो रहा आयोजन 

जयपुर: पहली अक्टूबर 2025: (मीडिया लिंक रविंदर//राजस्थान स्क्रीन डेस्क)::


ग्रामीण विकास मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल ने  राजस्थान ग्रामीण आजीविका विकास परिषद (राजीविका) के सौजन्य से इंदिरा गांधी पंचायती राज सस्थान में आयोजित हो रहे सुमंगल दीपावली मेला–2025 का बुधवार को  शुभारंभ किया । उन्होंने कहा कि यह मेला स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं के हुनर और आत्मनिर्भरता का प्रतीक है। यह आयोजन केवल एक उत्सव नहीं बल्कि ग्रामीण जीवन, कला, संस्कृति और महिला सशक्तीकरण का एक सशक्त मंच है जो ग्रामीण महिलाओं के जीवन में नई रोशनी लेकर आएगा।

डॉ. किरोड़ी ने कहा कि राजीविका ने प्रशिक्षण, वित्तीय सहयोग और विपणन अवसर प्रदान कर ग्रामीण महिलाओं को सशक्त बनाया है। आज ये महिलाएँ न केवल अपने परिवारों का संबल हैं बल्कि गाँव की अर्थव्यवस्था को भी मजबूत बना रही हैं। उन्होंने मेले में स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं से बात कर उनकी संख्या, लागत और आय के बारे में जानकारी ली। उन्होंने आमजन से इस मेले में अधिक से अधिक खरीदारी करने का आह्वान किया तथा कहा कि यहां से  खरीदा गया प्रत्येक उत्पाद केवल एक वस्तु नहीं बल्कि हमारी ग्रामीण बहनों की मेहनत और सपनों का प्रतीक है। उन्होंने अलवर के स्वयं सहायता समूह द्वारा लगाई गई स्टॉल से दीये खरीद कर यूपीआई से भुगतान किया। 

उल्लेखनीय है कि यह मेला 1 से 12 अक्टूबर तक इंदिरा गांधी पंचायती राज ग्रामीण विकास संस्थान परिसर जवाहर लाल नेहरू मार्ग जयपुर में प्रतिदिन प्रातः 10 बजे से रात्रि 9 बजे तक आयोजित किया जा रहा है। मेले में 65 हैंडीक्राफ्ट स्टॉल्स एवं 10 स्टॉल्स से सजा भव्य फूड कोर्ट आकर्षण के केंद्र हैं। यहाँ आगंतुकों को राजस्थान के विविध जिलों के हस्तनिर्मित उत्पाद और परम्परागत राजस्थानी व्यंजनों का आनंद लेने का अवसर मिल रहा है।

मेले में जयपुर की ब्लू पॉटरी, सांगानेरी व बगरू प्रिंट, कोटा डोरिया साड़ी, सवाई माधोपुर की लाख की चूड़ियाँ, राजसमंद की मीनाकारी एवं मोलेला पॉटरी, बीकानेर के अचार व नमकीन, अलवर का टेराकोटा, भरतपुर के जूट उत्पाद, नागौर की कैर, सांगरी व कसूरी मेथी, बांसवाड़ा के तीर-कमान, श्रीगंगानगर के सॉफ्ट टॉयज, दौसा एवं जालोर की राजस्थानी जूतियाँ विशेष आकर्षण का केंद्र हैं।

मेले में आगंतुक राजस्थानी भोजन दाल-बाटी-चूरमा, गट्टे की सब्जी, केर-सांगरी, बाजरे व ज्वार की रोटी, कढ़ी-पकोड़ी, घेवर, मालपुआ, फेणी और रबड़ी जैसे स्वादिष्ट व्यंजनों का लुफ्त भी उठा रहे हैं।

इस अवसर पर राज्य मिशन निदेशक श्रीमती नेहा गिरि एवं परियोजना निदेशक (प्रशासन) श्रीमती प्रीति सिंह सहित  अन्य विभागीय अधिकारी और  स्वयं सहायता समूहों की महिलाए उपस्थिति रही।

———//नेमीचन्द—आशुतोष/ब्रजेश

Friday, June 10, 2022

राजीविका की महिलाएं दिखा रही हैं नए नए कमाल

10th June 2022 at 08:30 PM

  ‘‘वीडियो सखी’’ बनकर सीखेंगी वीडियो प्रॉडक्शन एडिटिंग 


जयपुर: 10 जून 2022: (राजस्थान स्क्रीन ब्यूरो)::

राज्य मिशन निदेशक, राजीविका श्रीमती मंजू राजपाल ने बताया कि राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन द्वारा नौ जिलों में स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को ‘‘वीडियो सखी’’ रिसोर्स पर्सन के रूप में चिन्हित कर वीडियो प्रॉडक्शन का प्र​शिक्षण दिया जाएगा। उनके द्वारा बनाए गए वीडियो की सहायता से राजीविका की ‘’प्रचार सखियों’’ द्वारा राजीविका सम्बन्धी एवं अन्य संदेशों का गांव-गांव में प्रचार किया जाएगा। 

इस सम्बन्ध में राजीविका की मिशन निदेशक श्रीमती राजपाल द्वारा डिजिटल ग्रीन के साथ शुक्रवार को एक एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। श्रीमती राजपाल ने बताया कि प्रदेष में नेशनल रूरल इकॉनोमिक ट्रांसफॉर्मेशन प्रोजेक्ट से सम्बद्ध नौ जिलों के नौ ब्लॉक के लिए एनजीओ के साथ एमओयू किया गया है जो जून 2024 तक निःशुल्क रूप से कैपिसिटी बिल्डिंग का काम करते हुए स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को गुणवत्ता वाले वीडियो प्रॉडक्षन का प्रशिक्षण देगा।

श्रीमती राजपाल ने बताया कि स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को वीडियो सखी के रूप में रिसोर्स पर्सन या मास्टर टे्रनर बनाने का फायदा यह है कि इसके जरिए सखी अपने परिवेश में खुद सीखकर वांछित सूचना का वीडियो बना सकेगी। जहां एक टीम ‘‘वीडियो सखी’’ के रूप में प्रॉडक्षन से जुड़ी होगी, वहीं दूसरी टीम ‘‘प्रचार सखी’’ के रूप में इस सूचना को जन-जन तक पहंुचाने का काम करेगी। इस प्रकार कम्यूनिटी को जानकारी देने के लिए कम्यूनिटी का ही इस्तेमाल करते हुए कल्याणकारी संदेषों को उन तक पहंुचाने का यह तरीका बेहद प्रभावी एवं कारगर है। इससे संदेशों की प्रमाणिकता एवं उनका समयबद्ध प्रसरण भी संभव होगा। 

 डिजिटल ग्रीन की पार्टनरशिप हैड सुश्री समिथा हलदर ने बताया कि डिजिटल ग्रीन एक अन्तरराष्ट्रीय एनजीओ है जो कई राज्यों में कार्यरत है। कम्यूनिटी बेस वीडियो अप्रोच इस संगठन का एक फ्लैगशिप कार्यक्रम है। अन्य कई राज्यों में इसका अच्छा परिणाम मिला है और राजस्थान में राजीविका के साथ जुड़ना इसी कड़ी में एक महत्वपूर्ण कदम है।

Monday, November 1, 2021

हस्तशिल्प उत्पाद में महिलायों को आत्मनिर्भर बनने का मौका

महिलाओं में उद्यमशीलता का भी विकास हुआ-स्टेट मिशन निदेशक 


जयपुर: 1 नवंबर 2021: (राजस्थान स्क्रीन ब्यूरो)::
दीपावली ग्रामीण हाट मेले में राजस्थान के समस्त जिलों में राजीविका की महिला स्वयं सहायता समूह की सदस्य महिलाओं द्वारा तैयार किए गए विभिन्न उत्पादों में हस्तशिल्प आइटम्स वस्त्र उत्पाद, मसाले तथा पारंपरिक व्यंजनों का प्रदर्शन व विपणन किया गया। जिसमें वह अपने कौशल के अनुरूप आजीविका संवर्धन संबंधित गतिविधियों कृषि एवं पशुपालन गैर कृषि एवं सेवा क्षेत्र को अपनाकर न केवल अपनी आजीविका संवर्धन कर रही है अपितु गरीबी उमूलन के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर हो रही है जिससे उनके भीतर उद्यमशीलता का भी विकास हुआ है। 

राजस्थान ग्रामीण आजीविका विकास परिषद की स्टेट मिशन निदेशक श्रीमती शूचि त्यागीे सोमवार को इंदिरा गांधी पंचायतीराज संस्थान में 6 दिवसीय दीपावली ग्रामीण हाट मेले के समापन अवसर पर जिलों से आई महिला स्वयं सहायता समूह को संबोधित कर रही थी।

उन्होंने कहा कि दीपावली के इस मौके पर हाट मेले के रूप में महिलाओं को कोरोना काल में आर्थिक लक्ष्यों को प्राप्त करने का एक अच्छा अवसर एवं योग्य मंच प्रदान किया गया, जिससे उनके द्वारा अपने बनाए उत्पादों के विक्रय के लिए का बाजार उपलब्ध हुआ। जिससे उनका आत्मविश्वास बढ़ा तथा सभी राजीविका की इस पहल को सराहाना की है। उन्होेंने कहा कि गत वर्ष इसी प्रकार के मेले का आयोजन किया गया था जिसकी अपेक्षा में अबकी बार उत्पादनों में सुधार आया है।

स्टेट प्रोजेक्ट प्रबंधक श्री सोमदत्त दीक्षित ने कहा कि इस मेले में 33 जिलों के 33 स्टाल लगाई गई इन स्टालों पर लगभग 30 से 32 लाख रूपये की बिक्री हुई है। उन्होंने बताया कि अन्य आकर्षणों में टोंक के विभिन्न प्रकार के अनाज को तत्काल पीसकर मिस्सी आटा, मसाले, बेसन, बाड़मेर का एप्लिक वर्क, धौलपुर के कारपेट, गंगानगर के हस्तशिल्प उत्पाद जिसमें मांगलिक कार्यों में एवं पर्व में काम में आने वाले शुभ चिन्ह एवं प्रतीक, अलवर से टेराकोटा के विभिन्न प्रकार की आकृति, राजसमंद के मोलेला पॉटरी एवं मीनाकारी की ज्वेलरी, विभिन्न प्रकार के व्यंजन जिसमें राजसमंद का तिलकुट्टा भंडार, कोटपुतली जयपुर की लाइव खाद्य स्टॉल जिसने समूह की महिलाओं द्वारा विभिन्न प्रकार के लड्डू जिसमें मूंग, बेसन, मेथी, गोंद एवं आटे के लड्डू मुख्य रूप से आकर्षण का केंद्र रहे, इस मेले में लगभग 170 किलो ग्राम लड्डूओं का विक्रय भी किया गया।

मेले में बिक्री के अनुसार जिला परियोजना प्रबंधन इकाई जयपुर को प्रथम स्थान, द्वितीय स्थान पर राजसमंद, तृतीय स्थान पर बाड़मेर जिला रहे तथा फूड स्टॉल में आरती स्वयं सहायता समूह की संचालिका को चतुर्थ स्थान मिला एवं सांत्वना पुरुस्कार के लिए प्रथम अलवर, द्वितीय जालोर जिले को मिला।

इस अवसर पर स्टेट मिशन निदेशक श्रीमती शूचि त्यागी ने प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले जिलों के नोडल अधिकारी को स्मृति चिन्ह एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।

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